भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) का असर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिल रहा है। जापान में एनटीटी डेटा जापान के साथ नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की अंतरराष्ट्रीय शाखा NIPL ने समझौता किया है, जिससे भारतीय पर्यटक जल्द ही जापान में अपने मोबाइल से UPI ऐप के जरिए भुगतान कर सकेंगे। इस समझौते के तहत जापानी दुकानदार QR कोड स्कैन करके UPI पेमेंट स्वीकार करेंगे, जिससे भारतीय पर्यटकों को नकद या फॉरेक्स कार्ड की निर्भरता खत्म होगी और उनकी खरीदारी और भी सहज हो जाएगी।
जापान में बढ़ता भारतीय पर्यटक ट्रैफिक और UPI का महत्व
जनवरी से अगस्त 2025 के बीच जापान में भारतीय पर्यटकों की संख्या 2 लाख 8 हजार से अधिक रही है। एनटीटी डेटा के पेमेंट हेड मसानोरी कुरिहारा के अनुसार, UPI भुगतान के आरंभ से जापान के विक्रेता भारतीय पर्यटकों से आसानी से लेनदेन कर सकेंगे और यह साझेदारी जापान के पर्यटन क्षेत्र को भी मजबूत करेगी।
UPI पहले से उपलब्ध है इन देशों में
UPI सेवा पहले से ही फ्रांस, UAE, नेपाल, मॉरीशस, पेरू, सिंगापुर, श्रीलंका, कतर और भूटान में उपलब्ध है। जापान के अतिरिक्त, एनपीसीआई की योजना है कि 2025 में और 4-6 नई देशों में UPI विस्तार किया जाए, जिनमें थाईलैंड, कतर और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों का समावेश है।
भारत में UPI का व्यापक प्रचलन
जुलाई 2025 तक भारत में लगभग 49.1 करोड़ लोग UPI का उपयोग कर रहे हैं और 65 लाख से अधिक व्यापारी इससे जुड़े हुए हैं। भारत में डिजिटल लेनदेन में UPI का हिस्सा लगभग 85% है, जो विश्व के कुल रियल-टाइम डिजिटल भुगतान का आधा हिस्सा है। UPI की लोकप्रियता की मुख्य वजह इसकी सरलता, सुरक्षा और व्यापक पहुंच है।
वैश्विक स्तर पर भारत की डिजिटल ताकत
यह साझेदारी और विस्तार भारत की डिजिटल भुगतान तकनीक की वैश्विक पहचान को दर्शाता है। UPI अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि यह भारतीय विदेश यात्रियों को उनके विदेश दौरों में भी सहज, भरोसेमंद और त्वरित डिजिटल भुगतान का विकल्प प्रदान करता है। इससे भारत का डिजिटल आर्थिक प्रभाव विश्व स्तर पर बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के नए आयाम खुल रहे हैं।