Life insurance: जीवन बीमा खरीदते समय लोगों से अक्सर होती हैं ये 7 गलतियां, बाद में होता है पछतावा

अपने वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जीवन में आने वाले सभी संभावित जोखिमों को पर्याप्त अवधि तक के लिए कवर नहीं करना से आप मुसीबत में फंस सकते हैं, दुर्भाग्य से लोगों को इसका एहसास तब होता है जब बहुत देर हो चुकी होती है

अपडेटेड Jun 20, 2022 पर 3:42 PM
Story continues below Advertisement
जीवन बीमा लेते समय लोग अक्सर कर बैठते हैं ये 7 गलतियां

-गिरीश गणराज

जिंदगी में एक समय ऐसा आता है, जब आप सोचते हैं कि पैसे कहां निवेश किए जाएं? यहीं से लोग पर्सनल फाइनेंस की दुनिया में कदम रखते हैं। हालांकि एक सुरक्षित वित्तीय भविष्य के लिए सबसे जरूरी चीज है सुरक्षा। यानी भविष्य में भी आपके नियमित आय कमाने की क्षमता को सुरक्षित रखना। इसलिए, जब भी हम नए ग्राहकों से मिलते हैं, तो सबसे पहले यह समझने की कोशिश करते हैं कि उनकी भविष्य की आय और मौजूदा संपत्ति कितनी अच्छी तरह सुरक्षित है। इस सुरक्षित रखने का अच्छा और जरूरी तरीका यह है कि आप विभिन्न तरीकों के इंश्योरेंस को ले लें। इसमें भी एक निवेशक के लिए सबसे अहम जीवना बीमा या लाइफ इंश्योरेंस होता है। हालांकि लोग अक्सर सबसे कम इस्तेमाल इसी बीमा का करते हैं।

विडंबना यह है कि जहां लोग जीवन बीमा लेते हैं, वहां भी हमें अक्सर इसके खराब इस्तेमाल के मामले देखने को हैं। हमने पिछले कई सालों के अपने अनुभव के तदौरान देखा कि लोग जीवन बीमा लेते समय या इसका फैसले करते समय कई गलतियां करते हैं। यहां हम आपको 7 ऐसी सामान्य गलतियों के बारे में बता रहे हैं, जो लोग अक्सर जीवन बीमा लेते समय करते हैं-


बहुत सॉरी पॉलिसी लेना पर्याप्त बीमा नहीं है

जब हम लोगों से पूछते हैं कि "क्या आपके पास जीवन बीमा है" तो लोग अक्सर एक ही बात कहते हैं कि "हां, मेरे पास कई पॉलिसी हैं।" दुर्भाग्य से, कई बीमा पॉलिसी होने का यह मतलब नहीं है कि आप पर्याप्त रूप से सुरक्षित हैं। आपको जो जीवन बीमा राशि चाहिए, वह आपके भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों और आपकी मौजूदा देनदारियों का योग है। लेकिन इसकी जगह, हमारे पास छोटी-छोटी पॉलिसियों की भरमार है, जो प्रभावशाली दिखती हैं, लेकिन असल में उनकी राशि का कुल योग जीवन बीमा कवर के आस-पास भी नहीं बैठता है।

यह भी पढ़ें- बाजार पर कायम रहेगा दबाव, लॉन्ग पोजिशन लेने से बचें, उछाल पर बिकवाली की रणनीति अपनाएं: एक्सपर्ट्स

निवेश और बीमा को मिक्स करना

आपके पास भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों को सुरक्षित रखने को पर्याप्त बीमा नहीं है। इसके बावजूद आप कई तरह की बीमा पॉलिसी पर भारी प्रीमियम चुका रहे हैं, जो आपकी आय एक बड़ा हिस्सा ले रही हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि आपने ऐसे प्रोडक्ट खरीदे हैं, जो आपको बीमा के रूप में बेचे गए हैं, लेकिन असल में इनवेस्टमेंट यानी निवेश से जुड़े प्रोडक्ट है। यह एक और समस्या है। क्योंकि सबसे पहले तो इससे आपके बीमा का प्राथमिक लक्ष्य नहीं पूरा हो रहा है। दूसरा आपको निवेश पर रिटर्न भी काफी कम मिल रहा है और अक्सर यह रिटर्न बैंक के एफडी पर मिलने वाले रिटर्न से भी कम रहता है। ऐसे में आपको निवेश और बीमा को अलग-अलग रखना चाहिए।

बच्चे के नाम पर बीमा

यह भी एक बहुत ही सामान्य गलती है, जो अक्सर बीमा के दौरान देखने को मिलती है। उम्रदराज लोग और खासकर दादा-दादी लोग अपने बच्चों या पोतों के नाम से बीमा पॉलिसी लेते हैं। यह भी एक तरह का निवेश प्रोडक्ट ही होता है और इसमें लंबे लॉक-इन पीरियड सहित कई और खामियां भी होती है। हाल ही में एक मामला सामने आया कि एक दादी ने अपने 6 साल के पोते के नाम पर बीमा पॉलिसी थी। इस पॉलिसी में कहा गया था कि यह पॉलिसी तब मैच्योर होगी जब पोता 99 साल का हो जाएगा। यह इकलौता मामला नहीं है। हाल ही में एक और दादा-दादी हमारे पास आए, जिन्होंने अपने पोते के नाम से यूलिप में निवेश किया था। एक साल के बाद उन्हें महसूस हुआ कि यह पॉलिसी उनके जरूरत के हिसाब से उचित नहीं है, लेकिन कंपनी ने कहा कि उनके निवेश पर 5-साल का लॉकइन अवधि है और अगर वे इससे पहले प्रीमियम बंद करेंगे, तो उनके जमा सारे निवेश को जब्त कर लिया जाएगा।

यहां यह समझने की जरूरत है कि जीवन बीमा भविष्य की आय या मौजूदा देनदारियों के नुकसान से परिवार को बचाने के लिए जरूरी होता है। बच्चे के साथ इन दोनों में से कोई भी जरूरत नहीं होती है, इसलिए उसे बीमा की कोई जरूरत नहीं है। इसलिए अगली बार जब कोई आपको चाइल्ड पॉलिसी बेचने की कोशिश करे, तो उसे लेने से पहले दो बार सोचें।

अगर मुझे पैसे वापस नहीं मिलते हैं तो यह बर्बादी है

अक्सर लोग यह तर्क देते है कि अगर अगर मुझे कोई पैसा वापस नहीं मिलता है तो इसका मतलब है कि प्रीमियम बेकार हो जाता है। वही व्यक्ति को अपनी कार या बाइक का ऐसा बीमा लेने में कोई परेशानी नहीं होती है। इसी तर्क का फायदा उठाते हुए बीमा कंपनियों ने 'प्रीमियम वापस दिलाने' के नाम पर ऐसे कई प्रोडक्ट बेचना शुरू किया है, जो मूल रूप से बीमा की जरूरत को पूरा नहीं करते हैं। लोग यह समझने में असफल रहते हैं कि 20 या 25 साल बाद जब प्रीमियम लौटाया जाता है तो महंगाई के कारण उसकी वैल्यू उस समय बहुत कम रह जाती है। उदहारण के लिए अगर कोई बीमा प्रीमियम सालाना 25,000 है तो 20 साल में हमें रुल 5 लाख रुपये प्रीमियम देने होंगे। अगर 7 प्रतिशत महंगाई के हिसाब से देखें तो 5 लाख रुपये की जो वैल्यू आज है, वह 20 बाद घटकर 1.25 लाख रह जाएगी। साथ ही इस छोटी सी राशि को वापस पाने के लिए हमें 20 सालों का इंतजार भी करना है।

बीमा तो बाद में भी ले सकते हैं, अभी क्या जल्दी है?

कई बार, टर्म इंश्योरेंस खरीदने का फैसला लोग यह सोचते हुए टाल देते हैं कि "मुझे अभी इसकी आवश्यकता नहीं है, मुझे कुछ नहीं होने वाला है"। लोगों को यह एहसास नहीं होता है क, कम उम्र में टर्म इंश्योरेंस लेने पर उसका प्रीमियम भी कम होता है और ये लॉक हो जाते । बाद में जब आप खरीदते हैं, प्रीमियम काफी बढ़ जाता है। दूसरी बात यह है कि टर्म इंश्योरेंस तभी उपलब्ध होता है जब किसी के पास भविष्य की आय की संभावना हो। साथ ही अगर आपकी सेहत खराब है तो पॉलिसी को अस्वीकार कर दिया जा सकता है या भारी प्रीमियम देना पड़ सकता है। इसलिए जब कोई युवा और स्वस्थ हो तो इसे खरीदना सबसे अच्छा है।

गलत खुलासे

एक और बड़ी गलती जो लोग अक्सर करते हैं, वह यह है कि लोग पॉलिसी लेते समय अपने से जुड़ी गई कई गलत जानकारियां दे देते हैं। उदाहरण के लिए हेल्थ या आदतों से जुड़ी जानकारी। जबकि बाद में ऐसा कोई भी मामला सामने आने के बाद कंपनियां पॉलिसी को खारिज कर देती है। वह भी ऐसे समय में, जब आपको या आपके परिवार को पैसा की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

प्रीमियम की राशि कम करने के लिए बीमा की अवधि को घटाना

हाल ही में एक अजीबोगरीब मामला हमारे सामने आया। एक व्यक्ति ने 20 सालों के लिए होम लोन लिया था। आमतौर पर होम लोन के लिए साथ ही बैंक होम लोन कवर इंश्योरेंस भी अनिवार्य रूप से देते हैं। हालांकि यहां यह होम लोन कवर इंश्योरेंस सिर्फ 5 साल के लिए ही लिया गया था। होम लोन लेने वाले शख्स की कोरोना के दौरान मृत्यु हो गई। इसके बाद परिवार को पता चला कि उनका होम लोन कवर इंश्योरेंस तीन साल पहले ही खत्म हो गया था और इसे दोबारा रिन्यू नहीं कराया गया था।

अपने वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जरूरी है कि आप जीवन में आने वाले सभी संभावित जोखिमों को पर्याप्त अवधि तक के लिए कवर करें। ऐसा नहीं होने एक बड़ी मुसीबत बन सकता है। दुर्भाग्य से, लोगों को इसका एहसास तब होता है जब बहुत देर हो चुकी होती है। इन गलतियों को आप भी देखें और सोचें कि कहीं आपने भी तो नहीं इनमें से कोई गलती है। अगर आप से भी ये गलतियां हुई हैं, तो उन्हें तुरंत समय रहते सही करें।

(लेखक फिनवाइज पर्सनल फाइनेंस सॉल्यूशंस के को-फाउंडर हैं)

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।