लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों ने सरकार के उस प्रस्ताव पर चिंता जाहिर की है जिसमें प्राइवेट बीमा कंपनियों के लिए फ्री-लुक पीरियड (FLP) को 30 दिनों से बढ़ाकर 1 साल करने की बात कही गई है। कंपनियों का कहना है कि अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो इससे वित्तीय नुकसान हो सकता है और इन नीतियों का गलत तरीके से इस्तेमाल भी हो सकता है। अभी की बात करें तो एलआईसी (LIC) जैसी सरकारी जीवन बीमा कंपनी ऑफलाइन तरीके से खरीदी गई पॉलिसी पर 15 दिनों का और ऑनलाइन तरीके से खरीदी गई पॉलिसी पर 30 दिनों का फ्री-लुक पीरियड देती हैं।
