LIC Death Claims : कोविड-19 का असर घटने के साथ वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही के दौरान भारतीय जीवन बीमा निगम (Life insurance Corporation of India) के मृत्यु दावों में लगभग 20 फीसदी की कमी दर्ज की गई। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि दावों की धनराशि 2020 से पहले के स्तरों से ज्यादा बनी हुई है।
एलआईसी चेयरमैन (LIC Chairman) एम आर कुमार (M R Kumar) ने नतीजों के बाद एनालिस्ट्स के साथ बातचीत के दौरान कहा, वित्त वर्ष 2021-22 की जून तिमाही के दौरान लगभग 7,111 करोड़ रुपये के डेथ क्लेम्स का सेटलमेंट हुआ था, जबकि इस साल की पहली तिमाही में यह 5,743 करोड़ रुपये रहा। कुमार ने कहा, इस प्रकार इसमें खासी गिरावट दर्ज की गई और कोविड के प्रभाव में कमी के चलते यह स्वाभाविक था।
बीते दो साल में खासे बढ़े डेथ क्लेम
LIC के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर दिनेश पंत ने कहा कि महामारी से पहले क्लेम रेट्स स्थिर रहे थे। हालांकि, कोविड-19 के चलते पिछले दो साल के दौरान दावों में खासी बढ़ोतरी हुई।
पंत ने कहा, “अब मौजूदा तिमाही यानी 30 सितंबर, 2022 को समाप्त होने वाली तिमाही में हम हालात सामान्य होने की उम्मीद कर रहे हैं। अभी तक आंकड़े 2020 से पहले के स्तरों पर नहीं पहुंचे हैं। हमें लगता है कि इसमें अभी कुछ वक्त लगेगा। साथ ही ऐसे कुछ मामले होंगे जिनका बोझ पड़ा है, लेकिन इनकी रिपोर्टिंग नहीं हुई हैं। जल्द ही इनकी भी रिपोर्टिंग होगी।”
अगले दो साल में मिलेगी और राहत
उन्होंने कहा कि अब ऐसे मुद्दे सेटल होते दिख रहे हैं और कोविड प्रभाव कम गंभीर हो गया है। पंत ने कहा, हम अगले लगभग दो साल के लिए आशावादी हैं। हालात, कोविड से पहले के स्तर पर पहुंचने चाहिए।
वित्त वर्ष 23 की पहली तिमाही में LIC का नेट प्रॉफिट बढ़कर 682.88 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले समान अवधि में 2.94 करोड़ रुपये के स्तर पर था।