PPF, NSC और सुकन्या समृद्धि के निवेशकों के लिए अच्छी खबर, सरकार छोटी बचत योजनाओं पर बढ़ा सकती है ब्याज दर

पिछले काफी समय से PPF, NSC और सुकन्या समृद्धि जैसी छोटी बचत योजनाओं के ब्याज दर में सरकार ने कोई बढ़ोतरी नहीं की है

अपडेटेड May 26, 2022 पर 8:21 PM
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केंद्र सरकार हर तीन महीने पर छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है

लाखों भारतीय पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं में निवेश करते हैं। ये बचत योजनाएं इसलिए भी लोगों में काफी लोकप्रिय है क्योंकि इनमें निवेश को लेकर कोई जोखिम नहीं होता है और सरकार इस पर सुरक्षा का आश्वासन देती है। साथ ही इन योजनाओं पर ब्याज भी अधिकतर सरकारी और प्राइवेट बैंकों की योजनाओं से ज्यादा मिलता है। हालांकि पिछले काफी समय से इन छोटी बचत योजनाओं के ब्याज दर में सरकार ने कोई बढ़ोतरी नहीं की है।

इसे ध्यान में रखते हुए सरकार अगले महीने नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), सुकन्या सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), सीनियर सिटीजन बचत योजना, और पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) जैसी छोटी बचत योजनाओं के निवेशकों को खुशखबरी दे सकती है। कई मीडिया रिपोर्ट में यह बताया गया है सरकार जून से इन बचत योजनाओं पर ब्याज दर बढ़ाने पर विचार कर रही है।

जून में होगी ब्याज दरों की समीक्षा

केंद्र सरकार हर तीन महीने पर छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है। काफी समय से इनकी दरों में परिवर्तन नहीं हुआ है। मार्च में हुई समीक्षा में भी दरें अपरिवर्तित रखी गई थी। अब अगली समीक्षा जून में होगी। ऐसे में आप कह सकते हैं कि आगे भी सरकार दरों को स्थिर रख सकती है। लेकिन इसके बढ़ने की संभावना कुछ वजहों से संभव है।


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इस वजह से बढ़ सकती है दरें

रिजर्व बैंक ने इसी महीने रेपो रेट में अचानक से 40 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है। महंगाई को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस वजह से सभी तरह का कर्ज महंगा हो गया है। दूसरी ओर, निवेशकों को इससे ज्यादा रिटर्न मिलने लगा है। तमाम सरकारी और निजी बैंकों ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रेकरिंग डिपॉजिट (RD) की ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। इससे सरकार पर छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दबाव बन गया है।

सरकार इन योजनाओं में की गई निवेश राशि का इस्तेमाल बुनियादी ढांचा क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं में करती है। अगर बैंकों की ब्याज दर छोटी बचत योजनाओं से ज्यादा हो गई तो निवेशक इनसे हाथ खींच कर बैंकों के एफडी और आरडी में निवेश करने लगेंगे। इससे सरकार को पूंजी की कमी हो सकती है। इसलिए भी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बन रही है।

विभिन्न बचत योजनाओं की मौजूदा दर

पीपीएफ- 7.1 फीसदी

राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी)- 6.8 फीसदी

सुकन्या समृद्धि योजना- 7.6 फीसदी

किसान विकास पत्र- 6.9 फीसदी

डाक घर बचत खाता- 4 फीसदी

1-3 साल तक का टर्म डिपॉजिट- 5.5 फीसदी

5 साल तक का टर्म डिपॉजिट- 6.7 फीसदी

5 साल तक की आरडी – 5.8 फीसदी

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना- 7.4 फीसदी

5 साल तक मासिक आय योजना- 6.6 फीसदी

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