शेयर बाजार में गजब का उतार-चढ़ाव दिख रहा है। सोमवार को बड़ी गिरावट आई। मंगलवार को रिकवरी आई। इससे स्टॉक मार्केट को लेकर अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। इन्वेस्टर्स भी उलझन में हैं। बाजार की दशा और दिशा को समझने के लिए सीएनबीसी-टीवी18 ने दिग्गज इन्वेस्टर्स शंकर शर्मा से बात की।
शर्मा ने कहा कि मार्केट्स कमजोरी का संकेत दे रहा है। उन्होंने कहा, "पिछले साल अगस्त-सितंबर के बाद से दुनिया में बहुत कुछ बदल गया है। लेकिन, एक चीज जो नहीं बदली है वह है निफ्टी। दरअसल, निफ्टी आपसे कुछ कह रहा है, जिसे हम इग्नोर कर रहे हैं। वह यह कि हेडलाइंस मार्केट (बड़े शेयरों) में तेजी नहीं रही है।"
उन्होंने बताया कि केमिकल शेयरों पर दांव लगाया जा सकता है। बैंक और एफएमसीजी कंपनियां काफी तेजी दिखा चुकी हैं, अब उनसे कंपाउंडिंग ग्रोथ की उम्मीद नहीं की जा सकती। हालांकि, उन्हें कमोडिटी साइकिल जारी रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कमोडिटी सााइकिल और कुछ महीने जारी रह सकती है।
डायग्नोस्टिक कंपनियों के बारे में शर्मा ने कहा कि अगर आप कोविड-19 का असर हटा दें तो उनका बिजनेस अच्छा रहा है। लेकिन, शानदार नहीं रहा है। मेरा मानना है कि कोविड का पूरा मामला एक रैकेट था। इन कंपनियों का कार्टेलाइजेशन था। इसलिए मैं खुश हूं अगर उनका मार्जिन घट रहा है। क्योंकि उन्होंने इतनी ज्यादा कीमतें वसूली हैं, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती।
क्रिप्टोकरेंसी के बारे में उन्होंने कहा कि क्रिप्टो को लेकर उनकी पॉजिटिव सोच उसके एसेट क्लास के नजरिए से है। उन्होंने कहा कि यह बहुत उतार-चढ़ाव वाला एसेट है। उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर्स को अपना 1 से 2 फीसदी से ज्यादा पैसा इसमें इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए। मेरा मानना है कि यह एसेट यहां ठहरने वाला है चाहे टैक्स का नियम जो भी हो और सरकार इसके लिए कोई भी कानून बनाए।