SGB Scheme 2022-23 – Series III: गोल्ड में निवेश का सबसे शानदार विकल्प, 23 दिसंबर तक ही लगा सकते हैं पैसे, चेक करें पूरी डिटेल्स

Sovereign Gold Bond Scheme 2022-23: गोल्ड निवेशकों को निवेश का सुनहरा मौका सोमवार को ही खुल चुका है। केंद्रीय बैंक RBI ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2022-23 की तीसरी किश्त को 19 दिसंबर को लॉन्च कर दिया और यह 23 दिसंबर तक खुला रहेगा। इस सीरीज के तहत निवेशकों को बॉन्ड 27 दिसंबर को जारी होगा

अपडेटेड Dec 20, 2022 पर 12:22 PM
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एक्सपर्ट्स के मुताबिक गोल्ड में निवेश के लिए Sovereign Gold Bond बहुत शानदार तरीका है। (Image- Pixabay)

Sovereign Gold Bond Scheme 2022-23: गोल्ड निवेशकों को निवेश का सुनहरा मौका सोमवार को ही खुल चुका है। केंद्रीय बैंक RBI ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2022-23 की तीसरी किश्त को 19 दिसंबर को लॉन्च कर दिया और यह 23 दिसंबर तक खुला रहेगा। इस सीरीज के तहत निवेशकों को बॉन्ड 27 दिसंबर को जारी होगा। इसमें निवेश के लिए गोल्ड का भाव 5409 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है। हालांकि अगर बॉन्ड के लिए पूरी प्रोसेसिंग ऑनलाइन करते हैं तो प्रति ग्राम 50 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की इस किश्त की लिए जो नॉमिनल वैल्यू तय किया गया है, वह सब्सक्रिप्शन पीरियड के पिछले हफ्ते के आखिरी तीन वर्किंग डेज 14,15 और 16 दिसंबर को 999 शुद्धता वाले गोल्ड के औसत भाव के आधार पर तय किया गया है। गोल्ड का यह भाव इंडिया बूलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (India Bullion and Jewellers Association-IBJA) प्रकाशित करती है।

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Sovereign Gold Bond में निवेश पर अतिरिक्त कमाई

एक्सपर्ट्स के मुताबिक गोल्ड में निवेश के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड बहुत शानदार तरीका है। इसमें स्टोरेज कॉस्ट नहीं लगता, सुरक्षा की चिंता नहीं रहती है और डिजिटल गोल्ड की तुलना में आसानी से रिडीम करा सकते हैं। इसके अलावा सबसे बड़ी खास बात ये होती है कि इसमें गोल्ड के भाव में तेजी के साथ-साथ हर साल 2.5 फीसदी ब्याज के रूप में अतिरिक्त रिटर्न मिलता है।

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टैक्स का भी मिलता है फायदा

इसकी मेच्योरिटी पीरियड 8 साल की है लेकिन पांच साल के बाद निकासी कर सकते हैं। हालांकि मेच्योरिटी के बाद मिलने वाला पूरा रिटर्न टैक्स फ्री होता है। मेच्योरिटी पर उसके एक हफ्ते पहले के आखिरी तीन वर्किंग डेज पर 999 शुद्धता वाले गोल्ड के औसत भाव के हिसाब से रिटर्न मिलेगा। वहीं दूसरी तरफ हर छमाही जो ब्याज खाते में क्रेडिट होता है, उस पर स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होता है। इसके अलावा गोल्ड बॉन्ड का इस्तेमाल लोन लेने के लिए कोलैट्रल के तौर पर कर सकते हैं।

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