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ITR Filing 2025: इनकम टैक्स का सहज आईटीआर फॉर्म क्या है, कौन इसका इस्तेमाल कर सकता है?

इंडिया में इनकम के स्रोत के हिसाब से यह तय होता है कि टैक्सपेयर्स रिटर्न फाइल करने के लिए किसी आईटीआर फॉर्म का इस्तेमाल करेगा। नौकरी करने वाले लोग सबसे ज्यादा आईटीआर फॉर्म 1 का इस्तेमाल करते हैं। इस फॉर्म को सहज फॉर्म भी कहा जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 09, 2025 पर 2:08 PM
ITR Filing 2025: इनकम टैक्स का सहज आईटीआर फॉर्म क्या है, कौन इसका इस्तेमाल कर सकता है?
फॉर्म 16 में आपकी सैलरी, TDS और डिडक्शंस की जानकारी होती है।

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में सबसे आगे सैलरीड टैक्सपेयर्स रहते हैं। इनकम टैक्स के नियमों के हिसाब से अगर नौकरी करने वाले किसी व्यक्ति की सालाना इनकम 2.5 लाख रुपये तक है तो उसे टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं है। यह नियम इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए है। नई रीजीम में एग्जेम्प्शन लिमिट सालाना 4 लाख रुपये है। इसका मतलब है कि नौकरी करने वाले किसी व्यक्ति की सालाना इनकम 4 लाख रुपये तक है तो उसे टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं है।

कैसे तय होता है कौन टैक्सपेयर किस फॉर्म का इस्तेमाल करेगा?

इंडिया में इनकम के स्रोत के हिसाब से यह तय होता है कि टैक्सपेयर्स रिटर्न फाइल करने के लिए किसी आईटीआर फॉर्म का इस्तेमाल करेगा। नौकरी करने वाले लोग सबसे ज्यादा आईटीआर फॉर्म 1 का इस्तेमाल करते हैं। इस फॉर्म को सहज फॉर्म भी कहा जाता है।

इनकम टैक्स के कुल कितने आईटीआर फॉर्म उपलब्ध हैं?

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