ITR Refund: आपको इनकम टैक्स का रिफंड नहीं मिला है? जानिए आपको क्या करना होगा

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आईटीआर की प्रोसेसिंग शुरू कर दी है। कुछ टैक्सपेयर्स को रिफंड का पैसा भी मिल गया है। आम तौर पर आईटीआर की प्रोसेसिंग के बाद डिपार्टमेंट रिफंड भेजने की प्रक्रिया शुरू करता है। इसकी जानकारी वह एसएमएस और ईमेल से देता है

अपडेटेड Aug 23, 2024 पर 1:52 PM
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कई बार बैंक अकाउंट की डिटेल सही नहीं होने की वजह से रिफंड आने में देर होती है।

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के बाद अब टैक्सपेयर्स को रिफंड का इंतजार है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पहले आईटीआर को प्रोसेस करता है। अगर उसे कोई कमी दिखाई देती है तो वह टैक्सपेयर्स से सवाल पूछ सकता है। अगर किसी आईटीआर में उसे कोई कमी नहीं दिखती है, उसे वह प्रोसेस करता है। इसकी जानकारी टैक्सपेयर्स को ईमेल के जरिए भेज दी जाती है। डिपार्टमेंट ने आईटीआर प्रोसेस करने का काम शुरू कर दिया है। जो आईटीआर प्रोसेस हो चुके हैं उनकी जानकारी टैक्सपेयर्स को दे दी गई है। कई टैक्सपेयर्स को रिफंड भी मिल गया है। क्या आपको रिफंड का पैसा मिल गया है?

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट भेज रहा है मैसेज

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट रिफंड (Income Tax Refund) की जानकारी एसएमएस के जरिए दे रहा है। इसलिए आपको अपना एसएमएस एक बार चेक करना चाहिए। अगर ऐसा कोई मैसेज नहीं है तो आपको अपना ईमेल चेक करना चाहिए। फिर बैंक अकाउंट का बैलेंस चेक करना चाहिए। अगर आपका रिफंड नहीं आया है तो आप इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग-इन कर रिफंड के स्टेटस को देख सकते हैं।


ई-फाइलिंग पोर्टल पर चेक करें स्टेटस

आप अपने आईटी और पासवर्ड की मदद से ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग-इन कर सकते हैं। उसके बाद आपको 'व्यू रिटर्न/फॉर्म्स' ऑप्शन पर जाना होगा। उसके बाद 'इनकम टैक्स रिटर्न' सेलेक्ट करना होगा। स्टेटस देखने को लिए एकनॉलेजमेंट नंबर पर क्लिक करना होगा। यहां आपको पता चलेगा कि आपका रिटर्न अभी प्रोसेस हुआ है या नहीं। अगर आपको रिटर्न के साथ कोई मसला है तो उसका भी पता यह चल जाएगा। अगर यहां लिखा मिलेगा 'प्रोसेस्ड विद नो डिमांड नो रिफंड' तो इसका मतलब है कि आपका रिटर्न प्रोसेस हो गया है, लेकिन आपका कोई रिफंड नहीं बना रहा है।

बैंक अकाउंट की डिटेल चेक करें

कई बार बैंक अकाउंट की डिटेल सही नहीं होने की वजह से रिफंड आने में देर होती है। इसलिए टैक्सपेयर्स को यह चेक कर लेना चाहिए कि आईटीआर में बैंक अकाउंट की जो डिटेल दी गई है, वह सही है या नहीं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट सिर्फ प्री-वैलिडेटेट बैंक अकाउंट में ही रिफंड का पैसा भेजता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आईटीआर में किसी गड़बड़ी की वजह से भी आपका रिफंड अटक सकता है। अगर ऐसा हो तो आप इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 139(5) के तहत रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

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नोटिस मिला है तो उसका जवाब दें

कुछ टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट नोटिस भेजता है। इसमें आईटीआर से जुड़े कुछ सवाल हो सकते हैं। आपको अपने ईमेल आईडी और ई-फाइलिंग पोर्टल में लॉग-इन कर देख लेने की जरूरत है कि कोई इनकम टैक्स का नोटिस तो आपको नहीं भेजा गया है। अगर आपको कोई नोटिस भेजा गया है तो आपको सेक्शन 143(1) के तहत भेजे गए नोटिस का जवाब देना होगा।

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