ज्वाइंट होम लोन लेने के कई फायदें हैं, लेकिन इन बातों को जानने के बाद लें फैसला

परिवार के किसी सदस्य के साथ मिलकर ज्वाइंट होम लोन लेने से लोन का अमाउंट बढ़ जाता है। टैक्स बेनेफिट्स भी एक की जगह दो लोगों को मिलता है। लोन रीपेमेंट की जिम्मेदारी भी एक की जगह दो लोगों पर होती है

अपडेटेड Aug 27, 2025 पर 6:42 PM
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ज्वाइंट होम लोन का एक फायदा इंटरेस्ट रेट में रियायत है। अगर को-बॉरोअर की क्रेडिट हिस्ट्री स्ट्रॉन्ग है तो लोन की कुल कॉस्ट घट जाती है।

ज्वाइंट होम लोन में घर खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ रही है। लोग परिवार के किसी दूसरे मेंबर के साथ मिलकर ज्वाइंट होम लोन के लिए अप्लाई कर रहे हैं। पति और पत्नी भी मिलकर ज्वाइंट लोन लेना चाहते हैं। इसके लोन का अमाउंट बढ़ जाता है। टैक्स बेनेफिट्स भी एक की जगह दो लोगों को मिलता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप ज्वाइंट होम लोन लेने का प्लान बना रहे हैं तो आपको कुछ बातें जान लेने की जरूरत है।

लोन के रीपेमेंट की जिम्मेदारी आखिर तक दोनों की होती है

बेसिक होम लोन के सीईओ अतुल मोंगा ने कहा, "परिवार के किसी सदस्य जैसे पेरेंट या भाई-बहन के के साथ मिलकर ज्वाइंट होम लोन के लिए अप्लाई करने से परिवार में सदस्यों के बीच भरोसे का पता चलता है। लेकिन, ऐसा करने में फाइनेंशियल आस्पेक्ट्स, सही डॉक्युमेंटेशन, पारदर्शिता और स्पष्ट कम्युनिकेशन का ध्यान भी रखना होगा।" बैंक या एनबीएफसी इस बात की जांच करते हैं कि ज्वाइंट लोन के लिए अप्लाई करने वाले लोगों का विजन एक जैसा है या नहीं। दूसरा यह कि होम लोन की जिम्मेदारी दोनों को लेनी होगी। यह जिम्मेदारी लोन खत्म होने तक लेनी होगी।


अगर पेरेंट की रिटायरमेंट नजदीक है तो उन्हें को-बॉरोअर न बनाए

को-बॉरोअर की फाइनेंशियल स्टैबिलिटी भी अहम है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर पेरेंट की रिटायरमेंट नजदीक है तो उसके साथ मिलकर ज्वाइंट होम लोन लेने से बचना चाहिए। इसकी वजह यह है कि रिटायरमेंट का रीपेमेंट की क्षमता पर असर पड़ता है। मोंगा ने कहा, "आपको ऐसा को-बॉरोअर बनाना चाहिए जिसके भविष्य के लक्ष्य आपके मिलतेजुलते हों।" कैपरी ग्लोबल के मुनीश जैन ने कहा कि ज्वाइंट होम लोन लेने से लोन का अमाउंट बढ़ जाता है, बेहतर इंटरेस्ट रेट मिलता है और EMI में भी सेविंग्स होती है।

ज्वाइंट होम लोन में इंटरेस्ट रेट में रियायत भी मिलती है

उन्होंने कहा कि अगर आप पत्नी या पति के साथ मिलकर होम लोन लेते हैं तो लोन की अवधि बढ़कर 20 साल तक हो जाती है। इससे टैक्स प्लानिंग में आसानी होती है। ज्वाइंट होम लोन का एक फायदा इंटरेस्ट रेट में रियायत है। अगर को-बॉरोअर की क्रेडिट हिस्ट्री स्ट्रॉन्ग है तो लोन की कुल कॉस्ट घट जाती है। रेडियन फिनसर्व के फाउंडर सुमित शर्मा ने कहा कि ज्वाइंट लोन के लिए पेरेंट या पति/पत्नी के साथ मिलकर अप्लाई किया जा सकता है।

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को-बॉरोअर के कंट्रिब्यूट नहीं करने पर आपको रीपमेंट करना होगा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर होम लोन लेने के लिए आप पत्नी या भाई को को-बॉरोअर बना रहे हैं तो आपको उनकी जिम्मेदारी को भी पहले से समझ लेना होगा। इसकी वजह यह है कि अगर किसी वजह से को-बॉरोअर कंट्रिब्यूट नहीं कर पाता है तो आपको लोन रीपेमेंट की जिम्मेदारी अकेले लेनी होगी। इसलिए ज्वाइंट होम लोन के लिए अप्लाई करने से पहले इस बारे में ठीक तरह से सोच-समझ लेना जरूरी है। इससे बाद में आपको दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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