KYC Fraud के बढ़ रहे मामले, इन बातों का रखेंगे ध्यान तो नहीं होंगे फ्रॉड के शिकार

केवायसी को जालसालों ने लोगों को फ्रॉड का शिकार बनाने का जरिया बना लिया है। आए दिन लोगों के केवायसी के नाम पर ठगे जाने की खबरें आती हैं। जो लोग इस फॉड के बारे में नहीं जानते हैं वे आसानी से इसके शिकार बन जाते हैं

अपडेटेड Jun 18, 2025 पर 1:24 PM
Story continues below Advertisement
कुछ सावधानियां बरती जाए तो जालसाजों का शिकार बनने से बचा जा सकता है।

नो योर कस्टमर (केवायसी) ऐसी प्रक्रिया है, जिसकी जरूरत पड़ती रहती है। दरअसल, बैंक और दूसरे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस केवायसी के बाद ही ग्राहकों को अपनी सेवाएं देते हैं। केवायसी का मकसद ग्राहक की पहचान सुनिश्चित करना है। लेकिन, जालसालों ने इसे लोगों को फ्रॉड का शिकार बनाने का जरिया बना लिया है। आए दिन लोगों के केवायसी के नाम पर ठगे जाने की खबरें आती हैं। जो लोग इस फॉड के बारे में नहीं आ जानते हैं वे आसानी से इसके शिकार बन जाते हैं।

लोगों को ऐसे बनाया जाता है फ्रॉड का शिकार

व्यक्ति से फोन कॉल या मैसेज से संपर्क किया जाता है। संपर्क करने वाला व्यक्ति खुद को बैंक, बीमा कंपनी, फोन कंपनी या डिजिटल वॉलेट ऑपरेटर का रिप्रजेंटेटिव बताता है। वह व्यक्ति को बताता है कि आपका केवायसी लैप्स कर गया है या अधूरा है। वह कहता है कि अगर इसे अपडेट नहीं कराया गया तो कंपनी सेवा बंद कर देगी। फिर व्यक्ति के फोन पर एक लिंक या कॉन्टैक्ट नंबर भेजा जाता है।

व्यक्तिगत जानकारियां मांगी जाती हैं


इस लिंक पर क्लिक करते या फोन नंबर पर कॉल करने पर व्यक्ति से उसकी व्यक्तिगत जानकारियां मांगी जाती हैं। इनमें आधार नंबर, पैन, जन्म की तारीख, महीना और साल ौर बैंक अकाउंट से जुड़ी जानकारियां मांगी जाती हैं। कई बार व्यक्ति को AnyDesk या TeamViewer के जरिए रिमोट एक्सेस देने को कहा जाता है। ऐसा करते ही जालसाज व्यक्ति के बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं।

ये सावधानियां बरतने से नहीं होंगे फ्रॉड के शिकार

कुछ सावधानियां बरती जाए तो जालसाजों का शिकार बनने से बचा जा सकता है। पहला, यह ध्यान में रखें कि फ्रॉड करने वाले अक्सर जल्दबाजी दिखाते हैं। वे कहते हैं कि अगर आपने केवायसी अपडेट नहीं कराया तो आज आपका बैंक अकाउंट बंद हो जाएगा। या आपका मोबाइल फोन की सेवाएं बंद हो जाएगी। दूसरा, अक्सर व्यक्ति से उसकी व्यक्तिगत जानकारियां मांगी जाती हैं। वे ओटीपी, कार्ड का सीवीवी नंबर और पासवर्ड तक मांगते हैं। आपको ध्यान रखना है कि बैंक या कोई दूसरा वित्तीय संस्थान कभी ग्राहक से ओटीपी या कार्ड का सीवीवी नंबर नहीं मांगता है। इसलिए जब कोई आपसे ऐसी जानकारी मांगे तो आपको सावधान हो जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें: अब फ्री होगा Toll ! मुफ्त में कीजिए 200 ट्रिप, सिर्फ 3000 रुपए में बनेगा FASTag पास

अगर आप फोन कोल या व्हाट्सअप पर किसी मैसेज को पढ़ते ही डर जाते हैं तो आप आसानी से फ्रॉड का शिकार बन सकते हैं। अगर किसी फोन कॉल से आपके कोई जानकारी मांगी जाती है तो आपको यह पूछना चाहिए कि फोन करने वाला व्यक्ति किस कंपनी से बोल रहा है और उसका नाम क्या है। ऐसे सवालों से फ्रॉड करने वाले घबराते हैं। कई बार वे फोन काट देते हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।