₹5–10 लाख सैलरी वालों को झटका! अप्रैल से हर महीने कितनी कटेगी सैलरी? जानें 50% बेसिक पे का पूरा हिसाब

कर्मचारी जिनकी सैलरी 5 लाख से 10 लाख रुपये सालाना के बीच है, उनकी इन-हैंड सैलरी में हर महीने कितनी कटौती होगी? ये जवाब ज्यादातर प्राइवेट कर्मचारी जानना चाहते हैं। जानिये हर महीने अब कितनी सैलरी कटकर आएगी। ये है पूरा कैलकुलेशन

अपडेटेड Apr 14, 2026 पर 3:56 PM
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Labour Law April Salary: अप्रैल 2026 से लागू हुए नए लेबर नियमों के बाद अब ज्यादातर कर्मचारियों की सैलरी मार्च के मुकाबले कम आने वाली है।

Labour Law April Salary: अप्रैल 2026 से लागू हुए नए लेबर नियमों के बाद अब ज्यादातर कर्मचारियों की सैलरी मार्च के मुकाबले कम आने वाली है। कर्मचारी जिनकी सैलरी 5 लाख से 10 लाख रुपये सालाना के बीच है, उनकी इन-हैंड सैलरी में हर महीने कितनी कटौती होगी? ये जवाब ज्यादातर प्राइवेट कर्मचारी जानना चाहते हैं। ये कटौती सिर्फ एक महीने के लिए नहीं, बल्कि हर महीने होगी। नए 50% बेसिक पे नियम के कारण PF कटौती बढ़ेगी, जिससे सैलरी स्ट्रक्चर बदलेगा। साथ ही हाथ में आने वाला पैसा भी कम हो जाएगा।

कितना कटेगा सैलरी से पैसा?

अब जब बेसिक सैलरी को बढ़ाकर 50% करना अनिवार्य हो गया है, तो इसका सीधा असर PF यानी प्रॉविडेंट फंड पर पड़ा है। PF का कैलकुलेशन बेसिक सैलरी के 12% के आधार पर होता है, इसलिए बेसिक बढ़ते ही कटौती भी बढ़ गई है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की सैलरी 50,000 रुपये महीना है। अगर पहले उसका बेसिक पे अगर 20,000 रुपये होगा, तो PF कटौती 2,400 रुपये होती थी। अब बेसिक 25,000 रुपये होने पर PF कटौती बढ़कर 3,000 रुपये हो जाएगी। यानी 600 रुपये पहले से ज्यादा कटेंगे।


आपकी सैलरी से कितना पैसा कटकर आएगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी बेसिक सैलरी कितनी है। पीएफ का पैसा बेसिक सैलरी पर ही काटा जाता है। ये आपकी बेसिक सैलरी का 12 फीसदी होता है। अगर एक औसत निकाला जाए तो 5 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक कि सैलरी पर कटौती 500 रुपये से लेकर 2800 रुपये तक हो सकती है। यह सिर्फ एक अनुमान है। बाकि, कटौती आपकी पिछली और नई बेसिक पे पर निर्भर करता है।

कई लोगों को यह बदलाव पहली नजर में नुकसान जैसा लग सकता है, लेकिन असल में यह आपकी भविष्य की सेविंग बढ़ाने के लिए किया गया है। सरकार ने सैलरी की परिभाषा में बदलाव करते हुए कंपनियों को नया स्ट्रक्चर अपनाने के लिए कहा है।

50% होगी बेसिक सैलरी

नए नियमों के मुताबिक अब किसी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी (Basic Pay) कुल वेतन (CTC) का कम से कम 50% होना जरूरी है। पहले कंपनियां बेसिक सैलरी को कम रखती थीं। अक्सर 20–30% तक और बाकी रकम HRA, स्पेशल अलाउंस और अन्य भत्तों में देती थीं। इससे कर्मचारियों को ज्यादा इन-हैंड सैलरी मिलती थी, क्योंकि PF और ग्रेच्युटी जैसी कटौतियां कम होती थीं। इसी वजह से कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी कम नजर आएगी, क्योंकि ज्यादा पैसा सीधे PF खाते में जमा होगा। हालांकि यह पैसा खत्म नहीं होता, बल्कि आपकी लंबे पीरियड की सेविंग का हिस्सा बनेगा।

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