Get App

आधे से ज्यादा भारतीय फैमिली को पसंद आने लगी है कोल्ड ड्रिंक, रिपोर्ट में आए कुछ ऐसे ट्रेंड्स

Cold Drink Trends: पिछले दो साल में औसत भारतीय परिवारों के बीच बोतलबंद सॉफ्ट ड्रिंक की खपत बढ़ी है। बीते फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 50 प्रतिशत से अधिक हो गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक गर्मी में इस ट्रेंड में और बढ़ोतरी की उम्मीद है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 21, 2024 पर 5:05 PM
आधे से ज्यादा भारतीय फैमिली को पसंद आने लगी है कोल्ड ड्रिंक, रिपोर्ट में आए कुछ ऐसे ट्रेंड्स
Cold Drink Trends: पिछले दो साल में औसत भारतीय परिवारों के बीच बोतलबंद सॉफ्ट ड्रिंक की खपत बढ़ी है।

Cold Drink Trends: पिछले दो साल में औसत भारतीय परिवारों के बीच बोतलबंद सॉफ्ट ड्रिंक की खपत बढ़ी है। बीते फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 50 प्रतिशत से अधिक हो गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक गर्मी में इस ट्रेंड में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक औसत परिवार में पिछले दो वर्षों में बोतलबंद सॉफ्ट ड्रिंक्स की खपत में 250 मिलीलीटर की बढ़ोतरी हुई है।

कांतार FMCG पल्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार गर्मी बढ़ने के साथ इस रुझान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके अलावा ‘फैब्रिक सॉफ्टनर’ अब देश के हर चार घरों में से एक तक पहुंच गया है। इसे अभी भी प्रीमियम धुलाई प्रोडक्ट माना जाता है।

इसके अलावा प्रमुख एफएमसीजी (दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली) कंपनियों के एक अन्य प्रीमियम धुलाई प्रोडक्ट उत्पाद- वॉशिंग लिक्विड ने वित्त वर्ष 2023-24 में एक लाख टन के आंकड़े को पार कर लिया। रिपोर्ट में कहा गया कि अब उपभोक्ता ऑनलाइन या ऑफलाइन चैनलों से साल में 156 बार या हर 56 घंटे में एक बार एफएमसीजी प्रोडक्ट खरीदते हैं। रिपोर्ट में हालांकि यह भी कहा गया है कि औसत खरीद मूल्य में कमी आई है, क्योंकि ग्राहक अब पहले की तरह बड़ी खरीदारी नहीं कर रहे हैं।

वाशिंग लिक्विड और बोतलबंद शीतल पेय जैसे प्रोडक्ट ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अभी भी किराने का सामान सबसे बड़ा घरेलू खर्च है। सभी तिमाही खर्चों में इसकी 24 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भले ही मुद्रास्फीति धीमी हो गई हो, लेकिन इसका असर उपभोक्ता पर नहीं पड़ा है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें