जीवन प्रमाण पत्र, जिसे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (Jeevan Pramaan) भी कहा जाता है, पेंशनर्स के लिए एक बायोमेट्रिक सक्षम डिजिटल प्रमाणपत्र है। हर साल नवंबर में इसे जमा करना अनिवार्य होता है ताकि पेंशन बिना किसी व्यवधान के मिलती रहे। 80 वर्ष से ऊपर के वरिष्ठ नागरिक 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2025 के बीच अपना प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।
जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के तरीके
पेंशनर्स अपने जीवन प्रमाण पत्र को ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से जमा कर सकते हैं। ऑनलाइन जमा करने के लिए पेंशनर्स को Jeevan Pramaan पोर्टल या UMANG ऐप का उपयोग करना होता है, जहां आधार के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद डिजिटल प्रमाणपत्र जनरेट होता है। ऑफलाइन जमा करने के लिए वे बैंक शाखा, CSC केंद्र या डोरस्टेप बैंकिंग सेवा का सहारा ले सकते हैं, जिससे उन्हें घर बैठे भी आसानी से जमा करने की सुविधा मिलती है।
ऑनलाइन जमा के लिए पेंशनर्स Jeevan Pramaan वेबसाइट पर जाकर अपने आधार नंबर, मोबाइल नंबर, पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) नंबर, बैंक खाता संख्या और पेंशन प्राधिकरण का नाम दर्ज करते हैं। आधार आधारित फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन के बाद पेंशनर्स को एक डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र प्राप्त होता है, जिसे पेंशन भुगतान एजेंसी ऑनलाइन एक्सेस कर सकती है।
ऑनलाइन जमा के अतिरिक्त विकल्प
UMANG ऐप के जरिए भी जीवन प्रमाण पत्र जमा किया जा सकता है, जिसमें ऐप से सीधे बायोमेट्रिक सत्यापन कर प्रमाणपत्र बनाया जाता है। फेस ऑथेंटिकेशन सुविधा भी शुरू हो गई है, जिससे फिंगरप्रिंट देने में असमर्थ पेंशनर्स मोबाइल कैमरे की मदद से अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। इसके अलावा, पोस्ट ऑफिस की डोरस्टेप बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से भी घर पर आने वाली सेवा का अनुभव प्राप्त होगा।
जीवन प्रमाण पत्र जमा करना क्यों जरूरी है?
यह प्रमाणपत्र यह साबित करता है कि पेंशनर जीवित हैं, जिसके बिना पेंशन भुगतान रुक सकता है। सरकार हर साल इस प्रक्रिया का आयोजन करती है ताकि हर पेंशनर तक यह सुविधा पहुंच सके, खासकर बुजुर्ग और असमर्थ व्यक्ति। समय पर जीवन प्रमाण पत्र जमा करने से पेंशन में कोई बाधा नहीं आएगी और वृद्धजन अपनी आर्थिक सुरक्षा को जारी रख सकेंगे।
जीवन प्रमाण पत्र जमा करना पेंशन प्राप्ति के लिए अनिवार्य और आवश्यक प्रक्रिया है, जो तकनीकी रूप से आसान बनाने के लिए डिजिटल और ऑफलाइन विकल्प प्रदान करती है। पेंशनर्स को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपना प्रमाण पत्र जमा करें ताकि पेंशन में कोई रुकावट न आए और उन्हें आर्थिक चिंता न करनी पड़े ।