Life-Cycle Funds: सेबी ने पेश की म्यूचुअल फंड की नई कैटेगरी, यहां जानिए इस फंड की हर जरूरी बातें

Life-Cycle Funds: SEBI ने इस नई कैटेगरी के बारे में 26 फरवरी, 2026 को सर्कुलर जारी किया। लाइफ साइकिल फंड्स ओपन-एंडेड स्कीम होंगे। इस स्कीम के जरिए इनवेस्टर्स को अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करने का मौका मिलेगा

अपडेटेड Feb 26, 2026 पर 4:41 PM
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इस स्कीम को इनवेस्टर के खास इनवेस्टमेंट गोल को पूरा करने के मकसद से डिजाइन किया गया है।

Life-Cycle Funds: सेबी ने म्यूचुअल फंड स्कीम की एक नई कैटेगरी बनाई है। इसका नाम लाइफ साइकिल फंड है। यह स्कीम निवेश में अनुशासन के साथ लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार करने में इनवेस्टर्स की मदद करती है। यह स्कीम पहले से तय एसेट ऐलोकेशन स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करती है। जैसे-जैसे स्कीम की टारगेट डेट नजदीक आती है, निवेश का एप्रोच कंजरवेटिव होता जाता है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

यह फंड कई तरह के एसेट्स में निवेश करेगा

SEBI ने स्कीम की इस नई कैटेगरी के बारे में 26 फरवरी, 2026 को सर्कुलर जारी किया। लाइफ साइकिल फंड्स ओपन-एंडेड स्कीम होंगे। इस स्कीम के जरिए इनवेस्टर्स को अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करने का मौका मिलेगा। इनमें शेयर, InvITs, एक्सचेंज-ट्रेडेड कमोडिटी डेरिवेटिव्स, गोल्ड ईटीएफ और सिल्वर ईटीएफ शामिल होंगे।


यह फंड किसी खास लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा 

इस स्कीम को इनवेस्टर के खास इनवेस्टमेंट गोल को पूरा करने के मकसद से डिजाइन किया गया है। इसमें समय के साथ पोर्टफोलियो का ऐलोकेशन बदलता जाता है। इस स्कीम की अवधि कम से कम 5 साल और मैक्सिमम 30 साल होगी। इसका मतलब है कि मैच्योरिटी के लिहाज से फंड हाउस 5 साल के मल्टीपल में स्कीम (जैसे 10 साल, 15 साल, 20 साल, 25 साल) लॉन्च कर सकेंगे।

फंड हाउस 5 साल के मल्टीपल में पेश करेंगे फंड

सर्कुलर में कहा गया है, "ऐसे फंड 5 साल के मल्टीपल में लॉन्च किए जा सकेंगे। एक म्यूचुअल फंड हाउस के मैक्सिमम 6 फंड्स एक समय में सब्स्क्रिप्शन के लिए एक्टिव रहेंगे। इसके अलावा हर फंड की मैच्योरिटी में एक साल बाकी रहने पर उसे नजदीकी मैच्योरिटी वाले लाइफ साइकिल फंड में मर्ज कर दिया जाएगा। इसके लिए यूनिटहोल्डर्स की इजाजत ली जाएगी।"

यह फंड सॉल्यूशंस फंड की जगह लेंगे

एडलवाइज म्यूचुअल फंड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट निरंजन अवस्थी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "नई लाइफ साइकिल फंड कैटेगरी ने पहले से मौजूद सॉल्यूशन ओरिएंटेड फंड्स (रिटायरमेंट और चिल्ड्रेन फंड्स) की जगह ली है।" इनवेस्टमेंट पीरियड घटकर 5 साल से कम रह जाने पर स्कीम को 50 फीसदी तक इक्विटी आर्बिट्रेज एक्सपोजर लेने की इजाजत होगी। यह पहसे तय इक्विटी ऐलोकेशन के अतिरिक्त होगा। हालांकि, इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में कुल निवेश 65 से 75 फीसदी के बीच बनाए रखना जरूरी होगा।

3 साल से पहले पैसे निकालने पर एग्जिट लोड

लॉन्ग टर्म निवेश को बढ़ावा देने और जल्द पैसे निकालने से इनवेस्टर को हतोत्साहित करने के लिए एक ग्रेडेड एग्जिट लोड स्ट्रक्चर होगा। एक साल से पहले स्कीम से पैसे निकालने पर 3 फीसदी एग्जिट लोड लगेगा। 2 साल से पहले निकालने पर एग्जिट लोन 2 फीसदी होगा और तीन साल के अंदर निकालने पर एग्जिट लोड 1 फीसदी होगा।

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फंड्स के नाम के साथ मैच्योरिटी का ईयर जुड़ा होगा

इस स्कीम को उसी बेंचमार्कच फ्रेमवर्क का इस्तेमाल करना होगा, जिसका इस्तेमाल मल्टी-एसेट ऐलोकेशन फंड्स करते हैं। ऐसे फंड्स के नाम के साथ मैच्योरिटी ईयर जुड़ा होगा। जैसे-लाइफ साइकिल फंज 2045 या लाइफ साइकिल फंड 2055। इससे इनवेस्टर्स को निवेश के पीरियड को याद रखने में आसानी होगी।

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