लोन की ईएमआई चुकाने में लापरवाही ठीक नहीं है। पहली ईएमआई नहीं चुकाने पर ज्यादातर बैंक और एनबीएफसी इसे ग्राहक की तरफ से पेमेंट में हुई देर मानते हैं। वे ग्राहक को रिमाइंडर भेजते हैं या कॉल करते हैं। लेट फीस भी लगाते हैं, जिसका अमाउंट लोन की वैल्यू के आधार पर कुछ सौ रुपये से लेकर कुछ हजार रुपये के बीच हो सकता है। अगर आप इसका पेमेंट एक महीने के अंदर कर देते हैं तो आपके क्रेडिट स्कोर पर बहुत मामूली या कोई असर नहीं पड़ता है। बैंक या एनबीएफसी अकाउंट को ओवरड्यू मार्क कर देते हैं। लेकिन, अकाउंट 'रेगुलर' कैटेगरी में बना रहता है।
