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Loan की दो ईएमआई मिस हो गई है? जानिए बैंक या एनबीएफसी किस तरह का एक्शन ले सकते हैं?

दूसरी EMI की पेमेंट मिस करने पर बैंक और एनबीएफसी की चिंता बढ़ जाती है। बैंक और एनबीएफसी ग्राहक से संपर्क करने के लिए हर तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। अनसेक्योर्ड लोन यानी पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड लोन के मामले में क्लेक्शन टीम की एंट्री हो सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 19, 2026 पर 9:25 PM
Loan की दो ईएमआई मिस हो गई है? जानिए बैंक या एनबीएफसी किस तरह का एक्शन ले सकते हैं?
अगर EMI 90 दिन तक नहीं चुकाई जाती है तो RBI के नियमों के मुताबिक, लोन नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) की कैटेगरी में चला जाता है।

लोन की ईएमआई चुकाने में लापरवाही ठीक नहीं है। पहली ईएमआई नहीं चुकाने पर ज्यादातर बैंक और एनबीएफसी इसे ग्राहक की तरफ से पेमेंट में हुई देर मानते हैं। वे ग्राहक को रिमाइंडर भेजते हैं या कॉल करते हैं। लेट फीस भी लगाते हैं, जिसका अमाउंट लोन की वैल्यू के आधार पर कुछ सौ रुपये से लेकर कुछ हजार रुपये के बीच हो सकता है। अगर आप इसका पेमेंट एक महीने के अंदर कर देते हैं तो आपके क्रेडिट स्कोर पर बहुत मामूली या कोई असर नहीं पड़ता है। बैंक या एनबीएफसी अकाउंट को ओवरड्यू मार्क कर देते हैं। लेकिन, अकाउंट 'रेगुलर' कैटेगरी में बना रहता है।

60 दिन तक पेमेंट में देर पर कलेक्शन टीम की एंट्री

दूसरी EMI की पेमेंट मिस करने पर बैंक और एनबीएफसी की चिंता बढ़ जाती है। तब EMI पेमेंट में 60 देरी बढ़कर 60 दिन हो जाती है। बैंक और एनबीएफसी ग्राहक से संपर्क करने के लिए हर तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। अनसेक्योर्ड लोन यानी पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड लोन के मामले में क्लेक्शन टीम की एंट्री हो सकती है। खास बात यह है कि बैंक या एनबीएफसी पेमेंट में देर की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को देते हैं। इसका ग्राहक के क्रेडिट स्कोर पर खराब असर पड़ता है। क्रेडिट स्कोर में बड़ी गिरावट आ जाती है।

90 दिन तक पेमेंट नहीं होने पर अकाउंट NPA हो जाता है

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