Luxury housing market: भारत का रिहायशी रियल एस्टेट बाजार फिलहाल बड़े बदलाव से गुजर रहा है। यहां लग्जरी हाउसिंग यानी ₹1.5 करोड़ से ऊपर कीमत वाले घरों की डिमांड काफी अधिक है। एनारॉक की लेटेस्ट रिपोर्ट बताती है कि पिछले तीन सालों में इस सेगमेंट ने न सिर्फ पूरी तरह रिकवरी की है, बल्कि बाकी सभी कैटेगरी को पीछे छोड़ दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ती आय, बेहतर लाइफस्टाइल की मांग और सुरक्षित निवेश की तलाश ने लग्जरी प्रॉपर्टी को सबसे पसंदीदा विकल्प बना दिया है। आंकड़े भी यही कहानी कहते हैं।
2022 में औसत कीमत करीब ₹14,530 प्रति वर्ग फुट थी। वहीं 2025 तक इसके बढ़कर ₹20,300 प्रति वर्ग फुट पहुंचने का अनुमान है, यानी लगभग 40% की बढ़त। सात बड़े शहरों में लग्जरी घरों की नई लॉन्चिंग और उनकी तेज बिक्री दोनों ही इस ट्रेंड की मजबूती को दिखाते हैं।
दिल्ली-एनसीआर का बढ़ता प्रभाव
लग्जरी घरों की मांग को दिल्ली-एनसीआर ने खास तौर पर आगे बढ़ाया है। इसमें गुरुग्राम सबसे आगे है। टेक और ऑफिस हब के रूप में विकसित हो चुका गुरुग्राम अब नए-नए इलाकों में तेजी से फैल रहा है। बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स इसकी ग्रोथ को और तेज कर रहे हैं। इससे लंबे समय में प्रॉपर्टी वैल्यू बढ़ने की संभावना मजबूत होती है। इसकी से डेवलपर्स और खरीदार दोनों ही नए इलाकों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
गुरुग्राम के प्रमुख माइक्रो मार्केट्स
दिल्ली-एनसीआर के आसपास कई माइक्रो मार्केट्स तेजी से निवेश का केंद्र बन रहे हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे अब सबसे तेजी से विकसित होने वाला इलाका है। यह एयरपोर्ट, दिल्ली और यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर से बेहतर जुड़ाव के कारण आकर्षण का केंद्र है।
सोहना को पहले दूर माना जाता था, अब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और IMT सोहना की वजह से नए विकास का बड़ा हब बन चुका है। गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड भी प्रीमियम और इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट्स का केंद्र है, जो लग्जरी टाउनशिप्स और हाई-एंड लाइफस्टाइल चाहने वालों को अपनी ओर खींच रहा है।
हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर के मुताबिक, भारत में लग्जरी हाउसिंग की मांग अब सीजनल या साइक्लिकल नहीं रही, यह एक स्थायी बदलाव है। महामारी के बाद लोगों की प्राथमिकताएं बदली हैं। ऐसे में सेफ और प्रीमियम लाइफस्टाइल की चाह बढ़ी है। इन्फ्रास्ट्रक्चर-लेड प्लानिंग, ग्रीन स्पेस और बढ़ती सोशल अमेनिटीज ने इन इलाकों के लिवेबिलिटी इंडेक्स को और मजबूत किया है।
बीपीटीपी के सीईओ मानिक मलिक का कहना है कि गुरुग्राम में लग्जरी हाउसिंग का उछाल एनसीआर के समग्र विकास का नतीजा है। बेहतर कनेक्टिविटी, मेट्रो विस्तार, एक्सप्रेसवे और ग्लोबल कंपनियों की दफ्तर स्पेस की बढ़ती मांग ने गोल्फ कोर्स रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड और द्वारका एक्सप्रेसवे को नए शहरी केंद्र बना दिया है। उन्होंने बताया कि इस साल एनसीआर के करीब 60% नए आवासीय प्रोजेक्ट्स की कीमत ₹2.5 करोड़ से ऊपर है, जिनमें गुरुग्राम का योगदान सबसे ज्यादा है।
गुरुग्राम को क्यों पसंद कर रहे खरीदार
वोमेकी ग्रुप के चेयरमैन गौरव के सिंह कहते हैं कि लग्जरी हाउसिंग में 2022 से अब तक करीब 40% की बढ़ोतरी साफ दिखाती है कि प्रीमियम लिविंग और एसेट-क्लास रियल एस्टेट की मांग लगातार बढ़ रही है। हाई-एंड इंफ्रास्ट्रक्चर और नए प्रीमियम लॉन्च के कारण गुरुग्राम देश के सबसे पसंद किए जाने वाले लग्जरी हाउसिंग मार्केट्स में बना हुआ है।
इन माइक्रो मार्केट्स का बढ़ता दबदबा बताता है कि बड़े शहरों में लग्जरी घरों की मांग मजबूत बनी हुई है। भारतीय रियल एस्टेट का भविष्य अब काफी हद तक हाई-एंड हाउसिंग की तरफ झुकता दिख रहा है। इसे पैसों की उपलब्धता, तेज बिक्री और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से लगातार सहारा मिल रहा है। एक्सपर्ट का मानना है कि यह रुझान आगे भी जारी रह सकता है।