भारत में शादी-ब्याह एक बड़ा आयोजन होता है। खासकर उत्तर भारत में शादियों में लोग काफी खर्च करते हैं। शादी के लिए भव्य वेन्यू किराया पर लिया जाता है। मेहमानों के खानेपीने का व्यापक इंतजाम होता है। यहां तक कि मेहमानों को उपहार भी दिया जाता है। उधर, दुल्हा-दुल्हन पर होने वाला खर्च अलग होता है। इन सब पर काफी पैसे खर्च होते हैं। कई बार व्यक्ति को दोस्त-रिश्तेदारों को कर्ज तक लेना पड़ता है। अगर कोई व्यक्ति दोस्त-रिश्तेदारों से कर्ज नहीं लेना चाहता तो वह बैंक और एनबीएफसी से लोन ले सकता है। कई बैंक और एनबीएफसी मैरिज लोन ऑफर कर रही है।
मैरिज लोन अनसेक्योर्ड कैटेगरी का लोन
मैरिज लोन (Marriage Loan) से शादी-ब्याह के ज्यादातर खर्चों को पूरा किया जा सकता है। खास बात यह है कि लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी या गोल्ड लोन की तरह सेक्योर लोन नहीं है। यह अनसेक्योर्ड लोन की कैटेगरी में आता है। इस वजह से इसका इंटरेस्ट रेट थोड़ा ज्यादा होता है। कई लोग लोन के लिए प्रॉपर्टी या एसेट गिरवी रखने की जगह ज्यादा इंटरेस्ट रेट को ठीक मानते हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि कई लोगों के पास गिरवी रखने के लिए प्रॉपर्टी नहीं होती है।
बैंक कितना इंटरेस्ट रेट लेते हैं
कई सरकारी और प्राइवेट बैंक मैरिज लोन ऑफर करते हैं। इनमें SBI, HDFC Bank और ICICI Bank जैसे दिग्गज बैंक शामिल हैं। इनके अलावा बड़ी एनबीएफसी कंपनियां भी यह लोन देती हैं। दूसरे लोन की तरह मैरिज लोन में भी सरकारी बैंकों का इंटरेस्ट प्राइवेट बैंकों से कम है। उदाहरण के लिए SBI का इंटरेस्ट रेट सिर्फ 10.75 फीसदी है। लेकिन, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक का इंटरेस्ट रेट 11 से 20 फीसदी के बीच है। एनबीएफसी तो 24 फीसदी तक इंटरेस्ट वसूलती हैं।
अच्छा क्रेडिट स्कोर पहली शर्त
ज्यादातर बैंक 21 से 58 साल के व्यक्ति को मैरिज लोन ऑफर करते हैं। शर्त यह है कि व्यक्ति की इनकम रेगुलर होनी चाहिए। दूसरा व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर अच्छा होना जरूरी है। चूंकि यह अनसेक्योर्ड लोन है यानी इसके लिए ग्राहक को कोई संपत्ति गिरवी नहीं रखनी पड़ती है जिससे व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर अच्छा होना बहुत जरूरी है। अगर किसी ग्राहक का क्रेडिट स्कोर हाई नहीं है तो उसका लोन अप्लिकेशन रिजेक्ट हो जाएगा।
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इन डॉक्युमेंट्स की जरूरत पड़ती है
मैरिज लोन लेने के लिए कुछ डॉक्युमेंट्स जरूरी हैं। इनमें आधार, पैन, एड्रेस प्रूफ, इनकम प्रूफ और उम्र का सबूत शामिल हैं। एड्रेस प्रूफ में इलेक्ट्रिसिटी बिल और पासपोर्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। इनकम प्रूफ के लिए सैलरी स्लिप या इनकम टैक्स रिटर्न का इस्तेमाल किया जा सकता है। उम्र के सबूत के लिए बर्थ सर्टिफिकेट या 10वीं पास करने का प्रमाणपत्र पेश किया जा सकता है।