Train Ticket Cancellations Rules: भारतीय रेलवे के सफर में अब आखिरी वक्त पर प्लान बदलना आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है। 1 अप्रैल, 2026 से ट्रेन टिकट कैंसिलेशन के नियमों में बड़े बदलाव लागू हो रहे हैं। नए नियमों के तहत, अगर आप ट्रेन खुलने के कुछ घंटे पहले टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको एक रुपया भी वापस नहीं मिलेगा।
मान लीजिए आपने 2 अप्रैल को नई दिल्ली से लखनऊ जाने के लिए ₹1,200 में एक कंफर्म टिकट बुक किया है। आपको 'साइड अपर' बर्थ मिली है, जिससे आप खुश नहीं है। फिर आप बेहतर सीट के लिए 1 अप्रैल को 'तत्काल' में कोशिश करते है और आपको ₹1,600 (₹400 अतिरिक्त चार्ज के साथ) में टिकट मिल भी जाता है। अब अगर आप अपना पुराना ₹1,200 वाला टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको भारी नुकसान होगा। पहले जहां 4 घंटे की मोहलत मिलती थी, अब नए नियमों के कारण आपको अपनी पुरानी टिकट की एक बड़ी राशि गंवानी पड़ सकती है।
नए कैंसिलेशन रूल्स: कब और कितना कटेगा पैसा?
1 अप्रैल से लागू होने वाले स्लैब इस प्रकार हैं:
24 से 72 घंटे पहले: अगर आप ट्रेन छूटने से 24 से 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करते हैं, तो किराए का 25 प्रतिशत काट लिया जाएगा।
8 से 24 घंटे पहले: इस समय सीमा में टिकट कैंसिल करने पर किराए का 50 प्रतिशत हिस्सा काट लिया जाएगा।
8 घंटे से कम समय: सबसे कड़ा नियम यही है। अगर ट्रेन छूटने में 8 घंटे से कम का समय बचा है और आप टिकट कैंसिल करते हैं, तो कोई रिफंड नहीं मिलेगा। पूरा पैसा रेलवे के पास चला जाएगा।
पुराने बनाम नए नियम: क्या बदला?
किन यात्रियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
बिजनेस ट्रैवलर्स: जिनका प्लान आखिरी वक्त पर बदलता रहता है।
तत्काल यूजर्स: जो पहले से ही ज्यादा किराया देते हैं, उनके लिए अब रिफंड की खिड़की और छोटी हो गई है।
अनिश्चित प्लान वाले परिवार: जो लोग कंफर्म सीट के चक्कर में पहले बुक कर लेते हैं लेकिन बाद में प्लान बदलते हैं।
स्मार्ट पैसेंजर क्या करें?
जल्द फैसला लें: जैसे ही प्लान में बदलाव की सुगबुगाहट हो, टिकट कैंसिल कर दें। 24 घंटे से पहले कैंसिल करने पर नुकसान कम होगा।
मल्टीपल बुकिंग से बचें: अलग-अलग ट्रेनों में 'बैकअप' के लिए सीट बुक करना अब बहुत महंगा सौदा साबित होगा।
कैंसिलेशन इंश्योरेंस: भविष्य में अगर ट्रेवल एप्स 'ट्रिप कैंसिलेशन इंश्योरेंस' का विकल्प दें, तो उसे चुनना समझदारी हो सकती है।