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SMA: EMI मिस करने पर आपका लोन बन जाता है ‘SMA’, जानिए क्या है स्पेशल मेंशन अकाउंट और इसका असर

SMA: लोन की EMI समय पर न चुकाने से आपकी फाइनेंशियल जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। बैंक इसे सीधे NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) नहीं बनाते, बल्कि पहले SMA यानी स्पेशल मेंशन अकाउंट का दर्जा देते हैं। यह एक शुरुआती चेतावनी है कि आपका खाता तनाव में है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Jan 11, 2026 पर 7:32 PM
SMA: EMI मिस करने पर आपका लोन बन जाता है ‘SMA’, जानिए क्या है स्पेशल मेंशन अकाउंट और इसका असर

आज के समय में ज्यादातर लोग अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए लोन और EMI पर निर्भर रहते हैं। लेकिन अगर आप समय पर EMI नहीं चुकाते, तो इसका असर सिर्फ आपके क्रेडिट स्कोर पर ही नहीं, बल्कि बैंकिंग रिकॉर्ड पर भी पड़ता है। बैंक ऐसे मामलों को SMA (Special Mention Account) में डाल देते हैं। यह एक तरह का अलर्ट होता है कि ग्राहक समय पर भुगतान नहीं कर रहा है और उसका खाता जोखिम में है।

SMA की कैटेगरी

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने SMA को तीन हिस्सों में बांटा है:

- SMA-0: जब EMI चुकाने में 0–30 दिन की देरी होती है।

- SMA-1: जब देरी 31–60 दिन तक पहुंच जाती है।

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