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म्यूचुअल फंड का साइज उसके बेहतर प्रदर्शन की गारंटी नहीं, जानें स्टडी के नतीजे

पिछले पांच साल में लार्जकैप, मिडकैप, स्मॉलकैप और फ्लेक्सी कैप जैसी प्रमुख कैटेगरी के सबसे बड़े फंड का आकार 1.5 से 3 गुना हो गया है। कई इनवेस्टर्स यह समझते हैं कि बड़े फंड का प्रदर्शन ज्यादा अच्छा होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 22, 2022 पर 6:59 PM
म्यूचुअल फंड का साइज उसके बेहतर प्रदर्शन की गारंटी नहीं, जानें स्टडी के नतीजे
पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड स्कीमों में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ने से एमएफ इंडस्ट्री का एयूएम 40 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है।

पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड्स की स्कीमों में निवेश काफी बढ़ा है। इससे म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में इजाफा हुआ है। इंडस्ट्री का एयूएम 40 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। पिछले पांच साल में लार्जकैप, मिडकैप, स्मॉलकैप और फ्लेक्सी कैप जैसी प्रमुख कैटेगरी के सबसे बड़े फंड का आकार 1.5 से 3 गुना हो गया है। कई इनवेस्टर्स यह समझते हैं कि बड़े फंड का प्रदर्शन ज्यादा अच्छा होता है। उन्हें लगता है कि इनवेस्टर्स अच्छे प्रदर्शन को देख फंड में निवेश करते हैं, जिससे उसका आकार बढ़ जाता है। हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि क्या फंड का बड़ा आकार उसके बेहतर परफॉर्मेंस का संकेत हैं? इस बारे में हमें CRISIL Research की एक स्टडी से मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं इस रिपोर्ट में क्या बताया गया है।

स्टडी के लिए यह तरीका अपनाया गया

लार्ज, मिड-साइज और स्मॉल साइज फंडों के लंबी अवधि के प्रदर्शन को जानने के लिए इस स्टडी में चार कैटेगरी के फंडों का एयूएम डाटा लिया गया है। इनमें लार्ज-कैप, मिड-कैप, स्मॉल-कैप और फ्लेक्सी-कैप फंड शामिल हैं। इसके लिए म्यूचुअल फंड कैटेगरी में सेबी के बदलाव से पहले का स्टार्टिंग पीरियड लिया गया है। इसका मतलब है कि जनवरी 2018 से सितंबर 2022 का पीरियड लिया गया है।

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