अगर आप NPS में निवेश करते हैं, तो यह अपडेट आपके लिए काम का है। अब आपके अकाउंट पर लगने वाले चार्ज को लेकर नए नियम साफ कर दिए गए हैं। PFRDA ने बताया है कि कब, कितना और किस तरह का चार्ज लगेगा। जिससे कन्फ्यूजन कम होगा और आपको अपने पेंशन अकाउंट को समझना आसान होगा। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS यानी नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत लगने वाले चार्ज को लेकर नए नियम साफ कर दिए हैं। 29 अप्रैल को जारी सर्कुलर में बताया गया है कि अब अलग-अलग अकाउंट और स्थितियों के हिसाब से चार्ज तय होंगे।
अब Tier II अकाउंट का सालाना मेंटेनेंस चार्ज (AMC), Tier I अकाउंट के बराबर होगा। यानी सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के हिसाब से चार्ज एक जैसा रहेगा।
PFRDA ने साफ किया है कि एक ही PRAN (Permanent Retirement Account Number) के तहत अगर आपके अलग-अलग अकाउंट हैं, तो हर अकाउंट को अलग माना जाएगा और उस पर अलग से AMC लगेगा।
डॉर्मेंट अकाउंट पर क्या नियम?
अगर आपके अकाउंट में लगातार 4 तिमाही (एक साल) तक कोई योगदान नहीं आता, तो उसे डॉर्मेंट अकाउंट माना जाएगा।
ऐसे अकाउंट पर सिर्फ 10% AMC लगेगा।
जैसे ही आप दोबारा योगदान करेंगे, अगली तिमाही से अकाउंट फिर से एक्टिव हो जाएगा।
यह नियम 1 जुलाई 2026 से लागू होगा।
PRAN खोलने का चार्ज सिर्फ पहली बार ही लगेगा।
बाद में Tier I या Tier II अकाउंट जोड़ने पर कोई अलग फीस नहीं देनी होगी।
APY और NPS-Lite यूजर्स के लिए राहत।
अगर आपका अकाउंट Atal Pension Yojana (APY) या NPS-Lite में है और उसमें बैलेंस शून्य है, तो उस पर कोई AMC नहीं लगेगा।
ये चार्ज हर तिमाही के अंत में वसूले जाएंगे। यह या तो नियोक्ता के जरिए या सीधे आपके अकाउंट से काटे जाएंगे।