NPS Vatsalya Scheme : माता-पिता बच्चों के लिए कर सकते हैं पेंशन का इंतजाम, समझिए पूरा तरीका

NPS Vatsalya Scheme : NPS Vatsalya स्कीम के जरिए माता-पिता 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पेंशन और लॉन्ग-टर्म सेविंग शुरू कर सकते हैं। कम निवेश, इक्विटी फोकस और साफ नियम इसे बच्चों के भविष्य की मजबूत योजना बनाते हैं। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Apr 09, 2026 पर 3:16 PM
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NPS Vatsalya स्कीम में न्यूनतम योगदान 250 रुपये प्रति वर्ष रखा गया है।

NPS Vatsalya Scheme : पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी PFRDA ने NPS Vatsalya स्कीम को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह योजना 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पेंशन और लॉन्ग-टर्म सेविंग्स स्कीम है।

'NPS Vatsalya' स्कीम को वित्त वर्ष 2024-25 के यूनियन बजट में लॉन्च किया गया था। इसका मकसद माता-पिता और अभिभावकों को बच्चों के भविष्य के लिए शुरुआती उम्र से ही निवेश की सुविधा देना है। इसे बच्चों में बचत की आदत डालने और लंबी अवधि की फाइनेंशियल प्लानिंग को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

इस स्कीम के तहत माता-पिता या कानूनी अभिभावक बच्चे के नाम पर अकाउंट खोल सकते हैं और उसे मैनेज कर सकते हैं।


कौन-कौन इस स्कीम के लिए पात्र है?

इस स्कीम के तहत कोई भी बच्चा जिसकी उम्र 18 साल से कम है, वह NPS Vatsalya अकाउंट के लिए पात्र है। यह सुविधा केवल भारत में रहने वाले बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि NRI और OCI बच्चों के लिए भी उपलब्ध है। स्कीम की एक अहम शर्त यह है कि अकाउंट का एकमात्र लाभार्थी बच्चा ही होगा।

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निवेश कैसे किया जा सकता है?

NPS Vatsalya स्कीम में न्यूनतम योगदान 250 रुपये प्रति वर्ष रखा गया है। यह निवेश सिर्फ माता-पिता ही नहीं, बल्कि रिश्तेदार या दोस्त भी कर सकते हैं। योगदान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है, जिससे निवेश करना आसान बनता है।

निवेश कहां लगाया जाता है?

NPS Vatsalya स्कीम में निवेश को लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के हिसाब से डिजाइन किया गया है। फंड का बड़ा हिस्सा इक्विटी में लगाया जाता है ताकि समय के साथ बेहतर रिटर्न मिल सके।

कुल निवेश का बड़ा हिस्सा इक्विटी में, एक हिस्सा सरकारी सिक्योरिटीज में और बाकी डेट इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाता है। इक्विटी का ज्यादा वजन इसलिए रखा गया है ताकि लंबे समय में वेल्थ क्रिएशन हो सके।

18 साल से पहले पैसा निकलेगा?

18 साल की उम्र से पहले NPS Vatsalya अकाउंट से पैसा निकालने की सुविधा बहुत सीमित है। आंशिक निकासी केवल कुछ खास जरूरतों के लिए ही की जा सकती है।

इन जरूरतों में बच्चे की पढ़ाई, गंभीर बीमारी का इलाज या 75 प्रतिशत से ज्यादा विकलांगता जैसी परिस्थितियां शामिल हैं।

निकासी अकाउंट खुलने के तीन साल बाद ही संभव है। निकाली जाने वाली रकम कुल योगदान के 25 प्रतिशत तक सीमित होगी और बच्चे के 18 साल के होने से पहले सिर्फ दो बार निकासी की अनुमति होगी।

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बच्चा 18 साल होने पर क्या है?

जैसे ही बच्चा 18 साल का होगा, उसे नई KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद उसे अपने NPS अकाउंट को लेकर कुछ विकल्प मिलेंगे।

वह चाहें तो अकाउंट को पूरी तरह रेगुलर NPS (All Citizen Model) में बदल सकते हैं। इसके अलावा, 80 प्रतिशत रकम एकमुश्त निकालकर बाकी राशि एन्युटी में निवेश करने का विकल्प भी मिलेगा।

अगर कुल जमा राशि 8 लाख रुपये से कम है, तो पूरी रकम निकालने की अनुमति होगी। अगर 21 साल की उम्र तक कोई विकल्प नहीं चुना गया, तो अकाउंट अपने आप NPS नियमों के तहत हाई-रिस्क इक्विटी ऑप्शन में शिफ्ट हो जाएगा।

NPS Vatsalya अकाउंट ऑनलाइन कैसे खोलें?

  • NPS Vatsalya अकाउंट खोलने का सबसे तेज तरीका eNPS पोर्टल है। इसके लिए सबसे पहले आधिकारिक eNPS वेबसाइट पर जाकर 'NPS Vatsalya (Minors)' रजिस्ट्रेशन सेक्शन में जाना होगा।
  • सबसे पहले गार्जियन की जानकारी देनी होगी। इसमें नाम, PAN, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और जन्मतिथि शामिल है। इसके बाद OTP के जरिए वेरिफिकेशन किया जाएगा।
  • फिर आधार या डिजिलॉकर के जरिए KYC वेरिफाई की जाएगी। इसके बाद बच्चे की जानकारी जैसे नाम, जन्मतिथि और जेंडर भरनी होगी।
  • जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी, जिनका साइज कुछ मामलों में 4KB से 2MB के बीच होना चाहिए।
  • इसके बाद कम से कम 1,000 रुपये का शुरुआती निवेश करना होगा। फिर पेंशन फंड मैनेजर और निवेश विकल्प चुना जाएगा। इसमें Auto Choice या Active Choice शामिल है।
  • आखिर में आवेदन को e-Sign या ड्यूल OTP के जरिए ऑथेंटिकेट किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होते ही बच्चे के नाम पर एक यूनिक PRAN नंबर जारी कर दिया जाएगा।

कुल मिलाकर, NPS Vatsalya स्कीम उन माता-पिता के लिए है जो बच्चों के भविष्य की प्लानिंग बहुत पहले से शुरू करना चाहते हैं। कम न्यूनतम निवेश, लंबी अवधि का नजरिया और इक्विटी पर फोकस इसे एक मजबूत लॉन्ग-टर्म सेविंग्स ऑप्शन बनाता है।

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