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नॉमिनी नहीं तो निवेश भी नहीं! PPFAS म्यूचुअल फंड का नया नियम, 1 जुलाई से होगा लागू

PPFAS म्यूचुअल फंड ने 1 जुलाई 2025 से सभी नए निवेशों के लिए नॉमिनी डिटेल्स या वैध ऑप्ट-आउट डिक्लेरेशन अनिवार्य कर दिया है। इन डिटेल के बगैर इन्वेस्टमेंट एप्लीकेशन रिजेक्ट हो जाएंगे। जानिए PPFAS म्यूचुअल फंड ने यह फैसला क्यों लिया और आप नॉमिनी डिटेल को कैसे अपडेट कर सकते हैं।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Jun 30, 2025 पर 4:53 PM
नॉमिनी नहीं तो निवेश भी नहीं! PPFAS म्यूचुअल फंड का नया नियम, 1 जुलाई से होगा लागू
निवेशक को नॉमिनी या ऑप्ट-आउट फॉर्म खुद भरकर जमा करना होगा।

PPFAS Mutual Fund: मशहूर म्यूचुअल फंड हाउस- पराग पारीख फाइनेंशियल एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड (PPFAS) ने अपने निवेशकों के लिए जरूरी अलर्ट जारी किया है। इसके मुताबिक, 1 जुलाई 2025 से बिना पूरी नॉमिनी डिटेल या वैलिड ऑप्ट-आउट डिक्लेरेशन के नए इन्वेस्टमेंट एप्लीकेशन को रिजेक्ट कर दिया जाएगा। ऑप्ट-आउट डिक्लेरेशन का मतलब है कि निवेश अपने म्यूचुअल फंड निवेश में कोई नॉमिनी नियुक्त नहीं करना चाहता।

नॉमिनी या ऑप्ट-आउट डिक्लेरेशन क्यों जरूरी?

नॉमिनी या ऑप्ट-आउट डिक्लेरेशन निवेशक के न होने की स्थिति में क्लेम को सही वारिस तक पहुंचाने के लिए जरूरी है। इससे कानूनी जटिलताओं और उत्तराधिकार विवादों से बचा जा सकता है। अगर कोई नॉमिनी नहीं जोड़ा गया और न ही ऑप्ट-आउट डिक्लेरेशन दिया गया, तो 1 जुलाई 2025 से ऐसे निवेश आवेदन रिजेक्ट कर दिए जाएंगे।

SEBI और AMFI (Association of Mutual Funds in India) ने निवेशकों के हितों की रक्षा और पारदर्शिता के लिए इसे अनिवार्य किया है। PPFAS ने अपने ग्राहकों को ईमेल के जरिए जानकारी दी कि यह कदम AMFI और SEBI के नए दिशानिर्देशों के तहत लिया जा रहा है।

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