Personal Finance: म्यूचुअल फंड में निवेश से 1 करोड़ का फंड तैयार करना चाहते हैं? अपनाए यह सटीक फॉर्मूला

लंबी अवधि में निवेश से बड़ा फंड तैयार करने के लिए ज्यादा रिटर्न के पीछे भागने से जरूरी यह है कि आप कितना इनवेस्ट करते हैं और कितने नियमित रूप से निवेश करते हैं। आपको यह समझना होगा कि आप रिटर्न को कंट्रोल नहीं कर सकते। लेकिन, अपने निवेश को कंट्रोल कर सकते हैं

अपडेटेड Dec 23, 2025 पर 7:50 PM
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वेल्थ क्रिएशन के लिए निवेश की शुरुआत जल्द करना जरूरी है।

म्यूचुअल फंड्स में जब लंबी अवधि के निवेश की बात आती है तो इनवेस्टर्स के मन में तीन सवाल रहते हैं। किस फंड ने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है? किस स्ट्रेटेजी से मार्केट से ज्यादा रिटर्न मिल सकता है? लंबी अवधि में कहां निवेश करने में सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा? एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स को यह समझने की जरूरत है कि वह रिटर्न को कंट्रोल नहीं कर सकता। लेकिन, अपने निवेश को कंट्रोल कर सकता है। कई इनवेस्टर्स काफी बाद में जाकर इस बात को समझते हैं।

ज्यादा रिटर्न के पीछे भागने का ज्यादा फायदा नहीं

लंबी अवधि में निवेश से बड़ा फंड तैयार करने के लिए ज्यादा रिटर्न के पीछे भागने से ज्यादा जरूरी यह है कि आप कितना इनवेस्ट करते हैं और कितने नियमित रूप से निवेश करते हैं। इसे हम एक उदाहरण की मदद से आसानी से समझ सकते हैं। मान लीजिए ए और बी दो इनवेस्टर्स हैं। दोनों सिप से हर महीने 5000 रुपये का निवेश 20 साल तक करते हैं।


कम रिटर्न से भी बड़ा फंड तैयार हो सकता है

इनवेस्टर ए 20 साल के दौरान सिप से नियमित रूप से निवेश करता है। उसे सालाना 14 फीसदी रिटर्न मिलता है। इनवेस्टर बी को सालाना 10 फीसदी रिटर्न मिलता है। लेकिन वह हर साल सिप अमाउंट को 10 फीसदी बढ़ाता है। इस तरह इनवेस्टर ए 20 साल में कुल 12 लाख रुपये निवेश करता है। इनवेस्टर बी 34.36 लाख रुपये निवेश करता है। 20 साल बाद ए का फंड 65.82 लाख रुपये होता है। 20 साल बाद बी का फंड 80.73 लाख रुपये होता है।

वेल्थ क्रिएशन के लिए कंट्रिब्यूशन की ग्रोथ जरूरी 

इस उदाहरण से यह पता चलता है कि शुरुआत में ज्यादा रिटर्न अट्रैक्टिव लगता है। लेकिन, 4 फीसदी कम रिटर्न के बावजूद इनवेस्टर बी के लिए 20 साल बाद करीब 15 लाख रुपये ज्यादा का फंड तैयार हो जाता है। ऐसे नतीजों की उम्मीद आम तौर पर इनवेस्टर्स नहीं करते। उनका ज्यादा फोकस ज्यादा रिटर्न पर होता है। लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन रिटर्न से ज्यादा कंट्रिब्यूशन की ग्रोथ पर निर्भर करता है।

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कंट्रिब्यूशन ग्रोथ और ज्यादा रिटर्न का शानदार नतीजा

अब हम एक तीसरी स्थिति की बात करते हैं। अगर इनवेस्टर बी हर साल निवेश का अमाउंट 10 फीसदी बढ़ाने का साथ सालाना 14 फीसदी रिटर्न भी हासिल करता है तो 20 साल बाद उसके लिए काफी बड़ा फंड तैयार हो जाता है। यह करीब 1.13 करोड़ रुपये होता है। इस उदाहरण से पता चलता है कि रिटर्न से वेल्थ बढ़ता है, लेकिन कंट्रिब्यूशन में ग्रोथ से वह और तेजी से बढ़ता है।

growth vs return

जल्द करें निवेश की शुरुआत और अनुशासन बनाए रखें

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेश पर मिलने वाला रिटर्न इनवेस्टर के कंट्रोल में नहीं है। लेकिन, वह वह हर साल कितना और कितने साल के लिए इनवेस्ट कर सकता है, यह उसके हाथ में है। इसलिए वेल्थ क्रिएशन के लिए निवेश की शुरुआत जल्द करना जरूरी है। दूसरा, सिप अमाउंट को हर साल बढ़ाना जरूरी है। लंबी अवधि यानी 15-20 साल तक निवेश में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है।

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