कई लोग कमाने, बचाने और निवेश पर ज्यादा फोकस करते हैं। इसके बावजूद उन्हें इस बात का भरोसा नहीं होता कि उनकी सेविंग्स और निवेश पर्याप्त है या नहीं। उनके सामने उन लोगों का उदाहरण होता है, जिन्हें अच्छी सेविंग्स और निवेश के बावजूद पैसे की तंगी का सामना करना पड़ता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सेविंग्स और निवेश को लेकर ज्यादातर लोग कुछ आम गलतियां करते हैं। हर निवेशक को इन गलतियों से बचने की कोशिश करनी चाहिए। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।
पहली गलती: सुनी-सुनाई बातो पर नहीं करें भरोसा
कई लोग सुनी-सुनाई बातों के आधार पर सेविंग और निवेश करते हैं। जैसे-निवेश पर रिटर्न सालाना 15 फीसदी होना चाहिए, इक्विटी का रिटर्न सबसे ज्यादा होता है और अगर कोई फंड अच्छा रिटर्न दे रहा है तो उसमें निवेश बढ़ाना फायदेमंद है। लेकिन, ये बातें किसी संदर्भ में सही हो सकती हैं। लेकिन, इन्हें हर समय और परिस्थिति में सही नहीं माना जा सकता। इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो लंबी अवधि के लक्ष्य के हिसाब से होना चाहिए। इसमें लिक्विडिटी का ध्यान रखा जाना चाहिए। निवेश में एसेट ऐलोकेशन, धैर्य और अनुशासन का ध्यान रखा जाना चाहिए।
फाइनेंशियल टारगेट्स तय करने में कई लोग गलती करते हैं। वे दूसरों को देख अपने फाइनेंशियल लक्ष्य तय करते हैं। आपका वित्तीय लक्ष्य आपके हिसाब से होना चाहिए। आप कितना कमाते हैं, कितना खर्च करते हैं, आपकी कमाई के कितने स्रोत हैं और आखिर में आप पर किस तरह की जिम्मेदारियां हैं? इन सवालों के जवाब हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग होंगे। मेडिकल कॉस्ट और फैमिली का सपोर्ट भी अलग-अलग होगा। इसलिए कभी दूसरों को देख फाइनेंशियल टारगेट तय करना एक बड़ी गलती है।
तीसरी गलती: सोशल मीडिया पर निवेश सलाह से बचें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आपको सेविंग्स और इनवेस्टमेंट के कई पोस्ट, रील और वीडियो दिख जाएंगे। इनमें से कुछ में कई गुना रिटर्न की गारंटी दी जाती है। शेयरों के नाम बताए जाते हैं। कई फिनफ्लूएंसर्स यह भी दावा करते हैं कि उनकी सलाह मानकर हजारों लोगों ने मोटी कमाई की है। कुछ इनवेस्टमेंट एडवाइस फ्री में होते हैं, जबकि कुछ में फीस की मांग की जाती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे पोस्ट, रील और वीडियो पर भरोसा करना ठीक नहीं है। कई लोग ऐसी सलाह मानकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा देते हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि वह अपने लिए फाइनेंशियल प्लान नहीं बना सकता तो वह इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स की मदद ले सकता है। कुछ फीस चुकाकर वह अपने लिए सटीक प्लान तैयार करा सकता है। फिर, वह उस प्लान के हिसाब से निवेश जारी रख सकता है। इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स निवेशक की कमाई, वित्तीय जिम्मेदारी, रिस्क लेने की क्षमता और उम्र को ध्यान में रख उसके लिए कस्टमाइज प्लान तैयार करते हैं।