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Personal Loan EMI: रेड्यूसिंग या फ्लैट, पर्सनल लोन लेते समय कौन-सी ब्याज दर रहेगी सही? जानिए डिटेल

Personal Loan EMI: पर्सनल लोन लेते समय फ्लैट और रेड्यूसिंग रेट का फर्क समझना बेहद जरूरी है। कम दिखने वाला फ्लैट रेट अक्सर महंगा पड़ता है, जबकि रेड्यूसिंग रेट पारदर्शी और सस्ता होता है। जानिए कैसे करें सही चुनाव।

Suneel Kumarअपडेटेड Apr 08, 2026 पर 3:58 PM
Personal Loan EMI: रेड्यूसिंग या फ्लैट, पर्सनल लोन लेते समय कौन-सी ब्याज दर रहेगी सही? जानिए डिटेल
फ्लैट रेट लोन बहुत सीमित हालात में ही लेना समझदारी होती है।

Personal Loan EMI: जब भी लोग पर्सनल लोन लेते हैं, सबसे बड़ा कंफ्यूजन रहता है कि फ्लैट रेट बेहतर है या रेड्यूसिंग रेट। दोनों के नाम भले आसान लगते हों, लेकिन EMI और कुल ब्याज पर इनका फर्क बहुत बड़ा होता है। कई बार फ्लैट रेट कम दिखने की वजह से लोग आकर्षित हो जाते हैं। लेकिन, बाद में समझ आता है कि असली लागत कहीं ज्यादा थी।

फ्लैट रेट क्या होती है?

फ्लैट रेट में बैंक या NBFC पूरे लोन अमाउंट पर पूरी अवधि का ब्याज एक बार में तय कर देते हैं। आपकी EMI हर महीने प्रिंसिपल को कम करती रहती है, लेकिन ब्याज हमेशा पूरे मूलधन पर ही लगता है।

उदाहरण के तौर पर, अगर आपने ₹2 लाख का लोन 12% फ्लैट रेट पर लिया है, तो ब्याज पूरे ₹2 लाख पर पूरे लोन टेन्योर भर लगता रहेगा। यही वजह है कि फ्लैट रेट दिखने में सस्ती लगती है, लेकिन असल में बहुत महंगी पड़ती है। आमतौर पर 12% फ्लैट रेट का वास्तविक असर 22-24% रेड्यूसिंग रेट के बराबर होता है।

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