पर्सनल लोन शुरू होने के कुछ महीने बाद ही कई लोग सोचने लगते हैं कि इसे समय से पहले बंद कर देना चाहिए। कभी बोनस मिल जाता है, कभी बचत बढ़ जाती है, या फिर हर महीने कटने वाली EMI परेशान करने लगती है।
पर्सनल लोन शुरू होने के कुछ महीने बाद ही कई लोग सोचने लगते हैं कि इसे समय से पहले बंद कर देना चाहिए। कभी बोनस मिल जाता है, कभी बचत बढ़ जाती है, या फिर हर महीने कटने वाली EMI परेशान करने लगती है।
जल्दी कर्ज से मुक्त होने की यह इच्छा स्वाभाविक है। लेकिन पर्सनल लोन में प्रीपेमेंट का समय बहुत मायने रखता है। कई बार इससे ब्याज का बोझ काफी कम हो जाता है। वहीं, कुछ मामलों में फायदा उम्मीद से काफी कम निकलता है। आइए जानते हैं कि आपको कब पर्सनल लोन समय से पहले बंद करना चाहिए।
जब लोन की शुरुआत का समय हो
पर्सनल लोन जल्दी चुकाने से सबसे ज्यादा फायदा तब होता है जब लोन अभी शुरुआती दौर में हो। ज्यादातर पर्सनल लोन रिड्यूसिंग बैलेंस के आधार पर चलते हैं, लेकिन शुरुआती EMI में ब्याज का हिस्सा ज्यादा होता है।
मान लीजिए आपने तीन साल के लिए लोन लिया है। छह या आठ EMI के बाद कुछ रकम प्रीपेमेंट में दे देते हैं। उस समय तक ब्याज का बड़ा हिस्सा अभी बाकी रहता है। अगर आप उस समय मूल रकम यानी प्रिंसिपल कम कर देते हैं, तो आगे लगने वाला ब्याज काफी घट सकता है।
लेकिन अगर आप लोन के आखिरी साल तक इंतजार करते हैं, तो स्थिति बदल जाती है। उस समय तक ज्यादातर ब्याज पहले ही चुकाया जा चुका होता है, इसलिए प्रीपेमेंट का फायदा बहुत ज्यादा नहीं मिलता।
जब ब्याज दर ज्यादा हो
पर्सनल लोन की ब्याज दर आम तौर पर होम लोन या किसी सिक्योर्ड लोन से ज्यादा होती है। अगर आपका लोन 13 से 16 प्रतिशत जैसी ऊंची दर पर चल रहा है, तो उसे जल्दी बंद करना महंगे कर्ज से छुटकारा पाने जैसा हो सकता है।
अगर आसान शब्दों में कहें तो जितनी ज्यादा ब्याज दर होगी, उतना ही जल्दी प्रीपेमेंट करना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि अगर आपको किसी खास योजना के तहत कम ब्याज दर पर पर्सनल लोन मिला है, जैसे किसी कंपनी से जुड़ा लोन, तो उसे जल्दी बंद करने की जरूरत उतनी ज्यादा नहीं हो सकती।
जब प्रीपेमेंट चार्ज ज्यादा न हो
कई बैंक और वित्तीय संस्थान लोन को समय से पहले बंद करने पर फोरक्लोजर या प्रीपेमेंट चार्ज लेते हैं। यह आम तौर पर बकाया रकम का लगभग 2 से 5 प्रतिशत तक हो सकता है।
इसलिए प्रीपेमेंट करने से पहले यह जरूर देखना चाहिए कि जितना ब्याज आप बचाने वाले हैं, वह इस चार्ज से ज्यादा है या नहीं। अगर फीस ही आपकी ज्यादातर बचत खत्म कर देती है, तो लोन बंद करने से मिलने वाली मानसिक संतुष्टि ही असली फायदा रह जाता है।
जब आपके पास इमरजेंसी फंड हो
कई लोग एक बड़ी गलती यह करते हैं कि लोन जल्दी बंद करने के लिए अपनी सारी बचत खर्च कर देते हैं। उस समय कर्ज खत्म होने से राहत जरूर मिलती है, लेकिन अगर अचानक कोई खर्च आ जाए और आपके पास नकद बचत न हो, तो परेशानी बढ़ सकती है।
अगर प्रीपेमेंट करने से आपकी बचत इतनी कम हो जाती है कि कुछ महीनों के खर्च के बराबर भी पैसा अलग नहीं बचता, तो ऐसा कदम समझदारी भरा नहीं माना जाएगा। यानी कर्ज कम करना जरूरी है, लेकिन हाथ में नकदी यानी लिक्विडिटी बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
जब आप जल्द ही बड़ा लोन लेने वाले हों
अगर आप आने वाले समय में कोई बड़ा लोन लेने की योजना बना रहे हैं, जैसे होम लोन, तो पर्सनल लोन को जल्दी बंद करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
जब आप नया लोन लेने के लिए बैंक के पास जाते हैं, तो बैंक आपकी कुल EMI जिम्मेदारी को देखते हैं। अगर आपका पर्सनल लोन पहले से बंद हो चुका है, तो आपका डेट टू इनकम रेशियो बेहतर दिखता है और नए लोन की संभावना मजबूत हो सकती है।
जब प्रीपेमेंट जरूरी न हो
कुछ स्थितियों में पर्सनल लोन को जल्दी बंद करना जरूरी नहीं होता। उदाहरण के लिए अगर लोन अपने आखिरी साल में पहुंच चुका है और बकाया रकम भी ज्यादा नहीं है, तो प्रीपेमेंट से मिलने वाला आर्थिक फायदा सीमित हो सकता है।
ऐसे समय में बची हुई EMI का बड़ा हिस्सा आम तौर पर मूल रकम का होता है, ब्याज का नहीं। इसी तरह अगर आपके पास ऐसा निवेश विकल्प है जो लोन की ब्याज दर से ज्यादा रिटर्न दे सकता है, तो अतिरिक्त पैसा वहां लगाना ज्यादा समझदारी भरा हो सकता है।
आखिर में क्या समझना जरूरी है
पर्सनल लोन को जल्दी बंद करना तब सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है जब लोन शुरुआती दौर में हो, ब्याज दर ज्यादा हो और प्रीपेमेंट चार्ज कम हो।
लेकिन यह फैसला लेते समय अपनी बचत पूरी तरह खत्म कर देना सही नहीं है। कर्ज से मुक्त होना अच्छा लगता है, लेकिन आर्थिक लचीलापन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।