हर महीने सैलरी आते ही एक रकम चुपचाप कट जाती है और ज्यादातर लोग सिर्फ इतना जानते हैं कि यह PF है। लेकिन बहुत कम लोगों को पता होता है कि इस कटौती का एक हिस्सा भविष्य के बड़े फंड के लिए जाता है, जबकि दूसरा हिस्सा रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन के लिए। यही वजह है कि नौकरी करने वाले लाखों लोग सालों तक पैसा कटने के बावजूद यह नहीं समझ पाते कि आखिर रिटायरमेंट पर उन्हें करोड़ों रुपये मिलेंगे या सिर्फ कुछ हजार रुपये की पेंशन। दरअसल, सैलरी से कटने वाला पैसा दो हिस्सों में जाता है ईम्पलॉयी प्रॉविडेंट फंड (EPF) और ईम्पलॉयीज पेंशन स्कीम (EPS)। दोनों का मकसद अलग है और रिटायरमेंट पर मिलने वाला फायदा भी पूरी तरह अलग होता है।
