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सैलरी से हर महीने कटता है PF, लेकिन रिटायरमेंट में कितना मिलेगा? EPF और EPS का पूरा खेल समझ लीजिए

हर महीने सैलरी आते ही एक रकम चुपचाप कट जाती है और ज्यादातर लोग सिर्फ इतना जानते हैं कि यह PF है। लेकिन बहुत कम लोगों को पता होता है कि इस कटौती का एक हिस्सा भविष्य के बड़े फंड के लिए जाता है, जबकि दूसरा हिस्सा रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन के लिए।

Edited By: Sheetalअपडेटेड May 06, 2026 पर 6:01 PM
सैलरी से हर महीने कटता है PF, लेकिन रिटायरमेंट में कितना मिलेगा? EPF और EPS का पूरा खेल समझ लीजिए
हर महीने सैलरी आते ही एक रकम चुपचाप कट जाती है और ज्यादातर लोग सिर्फ इतना जानते हैं कि यह PF है।

हर महीने सैलरी आते ही एक रकम चुपचाप कट जाती है और ज्यादातर लोग सिर्फ इतना जानते हैं कि यह PF है। लेकिन बहुत कम लोगों को पता होता है कि इस कटौती का एक हिस्सा भविष्य के बड़े फंड के लिए जाता है, जबकि दूसरा हिस्सा रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन के लिए। यही वजह है कि नौकरी करने वाले लाखों लोग सालों तक पैसा कटने के बावजूद यह नहीं समझ पाते कि आखिर रिटायरमेंट पर उन्हें करोड़ों रुपये मिलेंगे या सिर्फ कुछ हजार रुपये की पेंशन। दरअसल, सैलरी से कटने वाला पैसा दो हिस्सों में जाता है ईम्पलॉयी प्रॉविडेंट फंड (EPF) और ईम्पलॉयीज पेंशन स्कीम (EPS)। दोनों का मकसद अलग है और रिटायरमेंट पर मिलने वाला फायदा भी पूरी तरह अलग होता है।

EPF और EPS में सबसे बड़ा फर्क क्या है?

EPF एक तरह का सेविंग्स फंड है, जहां आपका और कंपनी का पैसा जमा होता रहता है और उस पर हर साल ब्याज मिलता है। फिलहाल EPF पर 8.25% ब्याज दिया जा रहा है। लंबे समय तक पैसा जमा रहने और कंपाउंडिंग की वजह से यह बड़ा रिटायरमेंट फंड बना सकता है।

वहीं EPS कोई सेविंग्स स्कीम नहीं है। इसमें आपके नाम से कोई बड़ा फंड जमा नहीं होता और इस पर ब्याज भी नहीं मिलता। इसका मकसद सिर्फ रिटायरमेंट के बाद हर महीने तय पेंशन देना है। यानी EPF आपको बड़ा फंड देता है। और EPS आपको हर महीने पेंशन देता है।

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