अगर आप EPFO के सदस्य हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। अब PF का पैसा निकालने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जल्द ही EPFO सदस्य UPI के जरिए सीधे अपने बैंक खाते में PF ट्रांसफर कर सकेंगे। सरकार ने इस नई सर्विस की टेस्टिंग पूरी कर ली है और लॉन्च की तैयारी चल रही है। इससे करोड़ों कर्मचारियों को PF निकालने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज मिलेगी।
UPI से कैसे निकलेगा PF का पैसा?
श्रम मंत्री मनसुख मांडविया के मुताबिक EPFO लगातार अपनी सर्विस को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। नया सिस्टम लागू होने के बाद सदस्य अपने EPF खाते से पात्र रकम सीधे UPI के जरिए बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे। इसके लिए सदस्य को अपने UPI लिंक्ड बैंक खाते का इस्तेमाल करना होगा। EPFO रिकॉर्ड से जुड़े खाते में पैसा भेजने के लिए यूजर को UPI PIN डालकर ट्रांजैक्शन को सुरक्षित तरीके से पूरा करना होगा।
कितना पैसा निकाल सकेंगे सदस्य?
सरकार ऐसा सिस्टम तैयार कर रही है, जिसमें PF खाते का एक हिस्सा लॉक रहेगा, जबकि बाकी पात्र रकम तुरंत निकाली जा सकेगी। इसका मकसद यह तय करना है कि कर्मचारियों के रिटायरमेंट के लिए कुछ बचत सुरक्षित रहे।
EPFO के मुताबिक बार-बार PF निकालने की वजह से कई कर्मचारियों के खातों में रिटायरमेंट के समय बहुत कम रकम बच रही थी। आंकड़ों के अनुसार करीब 50% सदस्यों के खाते में फाइनल सेटलमेंट के समय 20 हजार रुपये से कम बैलेंस बचता था।
पैसा ट्रांसफर होते ही कर सकेंगे इस्तेमाल
नई सर्विस का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पैसा खाते में आते ही उसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। सदस्य डिजिटल पेमेंट, बैंक ट्रांसफर या डेबिट कार्ड के जरिए ATM से कैश निकाल सकेंगे।
अभी कैसे होता है PF निकासी का प्रोसेस?
फिलहाल PF निकालने के लिए सदस्यों को क्लेम फाइल करना पड़ता है। इसके बाद एप्लिकेशन की जांच होती है और फिर पैसा ट्रांसफर किया जाता है। हालांकि, EPFO ने ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम शुरू किया है, जिसके तहत पात्र दावों का निपटारा बिना मैन्युअल हस्तक्षेप के तीन दिन के अंदर किया जाता है।
ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट बढ़ी
EPFO ने ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है। इससे सदस्य मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई, शादी या घर खरीदने जैसे जरूरी कामों के लिए जल्दी पैसा निकाल सकते हैं।
PF निकासी के नियम क्या हैं?
अब PF निकासी के लिए पात्रता पीरियड को एक समान 12 महीने कर दिया गया है। पहले अलग-अलग मामलों में यह पीरियड 7 साल तक था। बेरोजगारी की स्थिति में सदस्य तुरंत 75% PF बैलेंस निकाल सकते हैं। बाकी 25% रकम एक साल बाद निकाली जा सकती है। वहीं, 55 साल की उम्र में रिटायरमेंट, स्थायी विकलांगता, नौकरी छूटने, स्वैच्छिक रिटायरमेंट या हमेशा के लिए विदेश जाने की स्थिति में पूरा PF निकाला जा सकता है। हालांकि, EPFO ने साफ किया है कि इन बदलावों का असर पेंशन पात्रता पर नहीं पड़ेगा और 58 साल की उम्र में पेंशन के मौजूदा नियम जारी रहेंगे।