PNG और LPG में क्या होता है अंतर, किसमें ज्यादा सेफ्टी और फायदा? जानिए हर एक डिटेल

PNG vs LPG: घर में खाना बनाने के लिए PNG और LPG दोनों का इस्तेमाल होता है, लेकिन इनकी सप्लाई, कीमत, सेफ्टी और सुविधा में बड़ा अंतर है। जानिए पाइप्ड गैस और सिलेंडर गैस में क्या फर्क है और किस विकल्प में ज्यादा फायदा हो सकता है।

अपडेटेड Mar 26, 2026 पर 4:33 PM
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PNG के लिए गैस पाइपलाइन का बड़ा नेटवर्क चाहिए होता है।

PNG vs LPG: घरों में खाना बनाने के लिए सबसे ज्यादा दो तरह की गैस इस्तेमाल होती है- PNG (Piped Natural Gas) और LPG (Liquefied Petroleum Gas)। पिछले कुछ साल में शहरों में PNG कनेक्शन तेजी से बढ़े हैं। वहीं, LPG सिलेंडर लंबे समय से घरों का हिस्सा रहा है। ग्रामीण इलाकों में अभी भी LPG का इस्तेमाल होता है।

कई लोगों के मन में सवाल होता है कि इन दोनों में असली फर्क क्या है, कौन ज्यादा सुरक्षित है और किसमें ज्यादा फायदा है। आइए इसे डिटेल में समझते हैं।

PNG क्या होती है


PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस। यह प्राकृतिक गैस होती है, जिसे पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाया जाता है।

घर में एक गैस मीटर लगाया जाता है और उसी से पाइपलाइन सीधे आपके स्टोव तक जाती है। इसमें सिलेंडर रखने की जरूरत नहीं होती। आप जितनी गैस इस्तेमाल करते हैं, उसके हिसाब से हर महीने बिल आता है। जैसे कि बिजली या पानी का बिल आता है।

LPG क्या होती है

LPG यानी लिक्विडफाइड पेट्रोलियम गैस। यह वही गैस है जो सिलेंडर में भरकर घरों तक पहुंचाई जाती है और लंबे समय से रसोई में इस्तेमाल हो रही है।

जब सिलेंडर खाली हो जाता है तो नया सिलेंडर बुक करना पड़ता है। सरकारी और प्राइवेट दोनों कंपनियां LPG सिलेंडर की सप्लाई करती हैं।

PNG और LPG में मुख्य अंतर

सप्लाई का तरीका : PNG पाइपलाइन के जरिए सीधे घर तक पहुंचती है। इसलिए इसमें सिलेंडर लाने या बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। वहीं LPG सिलेंडर में आती है। सिलेंडर खत्म होने पर नया सिलेंडर मंगाना पड़ता है।

कीमत और खर्च : PNG का बिल आम तौर पर इस्तेमाल के हिसाब से आता है। कई शहरों में यह LPG के मुकाबले थोड़ा सस्ता भी पड़ सकता है, खासकर जब गैस का इस्तेमाल ज्यादा हो। LPG में आपको पूरा सिलेंडर खरीदना पड़ता है। उसकी कीमत एक साथ चुकानी होती है, चाहे आप गैस धीरे धीरे इस्तेमाल करें।

गैस स्टोर करने का तरीका : PNG में घर के अंदर गैस स्टोर नहीं होती। पाइपलाइन से लगातार गैस सप्लाई होती रहती है। LPG में गैस सिलेंडर के अंदर भरी रहती है। यानी आपके घर में गैस स्टोर रहती है।

सेफ्टी के मामले में कौन बेहतर

सेफ्टी के नजरिए से PNG को आम तौर पर ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। इसकी वजह यह है कि PNG हवा से हल्की होती है। अगर कभी लीकेज हो जाए तो गैस ऊपर की तरफ उड़ जाती है और जल्दी फैल जाती है।

दूसरी ओर LPG हवा से भारी होती है। अगर लीकेज हो जाए तो गैस नीचे की तरफ जमा हो सकती है, जिससे खतरा बढ़ सकता है।

इसके अलावा PNG में घर में गैस स्टोर नहीं होती। वहीं, LPG सिलेंडर में गैस भरी रहती है। हालांकि दोनों ही सिस्टम सुरक्षित होते हैं, अगर उनका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए और समय समय पर जांच होती रहे।

सुविधा के मामले में कौन बेहतर

सुविधा के मामले में PNG को ज्यादा आसान माना जाता है। PNG में आपको सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं होती। गैस खत्म होने की चिंता भी नहीं रहती और बिल बाद में आता है।

वहीं LPG में कई बार ऐसा होता है कि खाना बनाने के बीच सिलेंडर अचानक खत्म हो जाता है। ऐसे में नया सिलेंडर आने तक परेशानी हो सकती है।

हर जगह PNG क्यों नहीं मिलती

PNG के लिए गैस पाइपलाइन का बड़ा नेटवर्क चाहिए होता है। इसलिए यह सुविधा अभी मुख्य रूप से बड़े शहरों और कुछ चुनिंदा इलाकों में ही उपलब्ध है। ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में अभी भी LPG सिलेंडर ही सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।

किसमें ज्यादा फायदा

अगर आपके इलाके में PNG की सुविधा उपलब्ध है, तो लंबे समय में यह कई मामलों में फायदे का सौदा साबित हो सकती है। इसमें गैस की सप्लाई लगातार मिलती है, सिलेंडर की झंझट नहीं होती और कई जगह खर्च भी कम पड़ सकता है।

लेकिन जहां पाइपलाइन नहीं है, वहां LPG अभी भी सबसे आसान और व्यावहारिक विकल्प है।

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