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PPF vs NPS: टैक्स बचत के साथ बनेगा बड़ा रिटायरमेंट फंड, जानिए कैसे उठाएं फायदा

PPF vs NPS: PPF और NPS रिटायरमेंट प्लानिंग के दो मजबूत विकल्प हैं। एक सुरक्षित, टैक्स-फ्री रिटर्न देता है, जबकि दूसरे में लंबी अवधि में बेहतर ग्रोथ और अतिरिक्त टैक्स लाभ मिलता है। दोनों को साथ में इस्तेमाल कर निवेशक मजबूत रिटायरमेंट फंड बना सकते हैं। जानिए कैसे।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Nov 08, 2025 पर 4:12 PM
PPF vs NPS: टैक्स बचत के साथ बनेगा बड़ा रिटायरमेंट फंड, जानिए कैसे उठाएं फायदा
PPF पूरी तरह सरकारी गारंटी वाला सेविंग टूल है, जिसमें सुरक्षित और तय ब्याज मिलता है।

PPF vs NPS: भारत में रिटायरमेंट प्लानिंग और टैक्स बचत के लिए PPF (Public Provident Fund) और NPS (National Pension System) सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद साधन माने जाते हैं। दोनों लंबी अवधि में वेल्थ बनाने में मदद करते हैं और टैक्स लाभ भी देते हैं। हालांकि, दोनों की प्रकृति अलग है। इन्हें समझकर और साथ में इस्तेमाल करने से निवेशकों को ज्यादा से ज्यादा टैक्स-फ्री इनकम मिल सकती है।

PPF: सरकारी गारंटी और टैक्स-फ्री निवेश

PPF पूरी तरह सरकारी गारंटी वाला सेविंग टूल है, जिसमें सुरक्षित और तय ब्याज मिलता है। इसमें आप एक वित्त वर्ष में अधिकतम ₹1.5 लाख निवेश कर सकते हैं और पुराने टैक्स सिस्टम में यह राशि सेक्शन 80C में टैक्स कटौती के लिए योग्य होती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका EEE स्टेटस है- निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी तीनों पर कोई टैक्स नहीं लगता।

एक्सपर्ट के मुताबिक, 15 साल की अवधि और उसके विस्तार पर भी मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री रहता है। नए टैक्स सिस्टम में भले निवेश पर कटौती नहीं मिलती, लेकिन ब्याज और मैच्योरिटी रकम टैक्स-फ्री ही रहती है।

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