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PPF Vs NPS: रिटायरमेंट के लिए कौनसा प्लान है बेस्ट, ये हैं पीपीएफ और एनपीएस के फायदे

PPF Vs NPS: पीपीएफ और एनपीएस लॉन्ग-टर्म सेविंग स्कीम है, जो रिटायरमेंट के लिए पैसे बचाने का एक अच्छा विकल्प है। इसे निवेश का सुरक्षित विकल्प माना जाता है। NPS एक रिटायरमेंट सेविंग प्लान है जो निवेशकों को उनके भविष्य के लिए निवेश करने की अनुमति देता है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 04, 2024 पर 7:00 AM
PPF Vs NPS: रिटायरमेंट के लिए कौनसा प्लान है बेस्ट, ये हैं पीपीएफ और एनपीएस के फायदे
PPF Vs NPS: पीपीएफ और एनपीएस लॉन्ग-टर्म सेविंग स्कीम है।

PPF Vs NPS: पीपीएफ और एनपीएस लॉन्ग-टर्म सेविंग स्कीम है, जो रिटायरमेंट के लिए पैसे बचाने का एक अच्छा विकल्प है। इसे निवेश का सुरक्षित विकल्प माना जाता है। NPS एक रिटायरमेंट सेविंग प्लान है जो निवेशकों को उनके भविष्य के लिए निवेश करने की अनुमति देता है। इसमें निवेश का 60% हिस्सा रिटायरमेंट के समय निकाला जा सकता है और बाकी 40% का इस्तेमाल पेंशन योजना के लिए किया जाता है। आइए जानते हैं दोनों के फायदे और नुकसान।

पीपीएफ

पीपीएफ सरकार की बनाई लॉन्ग टर्म सेविंग स्कीम है। रिटायरमेंट के लिए पैसे बचाने का यह बेहतर विकल्प माना जाता है। एक्सपर्ट के मुताबिक पीपीएफ को निवेश का सुरक्षित विकल्प माना जा सकता है। इस पर सरकार रिटर्न तय करती है। पीपीएफ में निवेश की रकम की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। ये स्कीम 15 साल के लिए है। पीपीएफ खाते में सालाना 500 रुपये से 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं। टैक्स सेविंग के लिहाज से पीपीएफ में निवेश करना बेहतर है क्योंकि निवेश की गई रकम और मिलने वाले ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता है। इनकम टैक्स की धारा 80C के अनुसार यह पैसा टैक्स फ्री है। कोई भी व्यक्ति जो भारतीय नागरिक है और 18 वर्ष से अधिक उम्र का है, वह पीपीएफ खाता खोल सकता है और इसमें निवेश कर सकता है।

एनपीएस

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