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वसीयत नहीं है? जानिए पत्नी, बेटे और बेटी के बीच कैसे होगा संपत्ति का बंटवारा

अगर वसीयत नहीं है तो कई बार संपत्ति का बंटवारा विवाद का विषय बन जाता है। यह भी उलझन रहती है कि पत्नी, बेटे और बेटी को कितना हिस्सा मिलेगा। एक्सपर्ट से जानिए हिंदू सक्सेशन एक्ट के नियम और क्यों समय रहते वसीयत बनाना जरूरी है।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Apr 27, 2026 पर 2:50 PM
वसीयत नहीं है? जानिए पत्नी, बेटे और बेटी के बीच कैसे होगा संपत्ति का बंटवारा
बिना वसीयत के संपत्ति का बंटवारा तय तो हो जाता है, लेकिन कई बार इससे परिवार में विवाद भी हो सकता है।

कई लोग अपनी जिंदगी में संपत्ति तो बना लेते हैं, लेकिन उसके बंटवारे की साफ योजना नहीं बनाते। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति का निधन बिना वसीयत (Will) के हो जाता है, तो संपत्ति का बंटवारा विवाद की वजह बन जाता है। आइए जानते हैं कि वसीयत न होने पर संपत्ति का बंटवारा कैसे होता है और समय रहते सही प्लानिंग करना क्यों जरूरी है।

वसीयत क्यों जरूरी है

मुंबई के CA और CFA बलवंत जैन के मुताबिक, भारतीय कानून के तहत कोई भी व्यक्ति अपनी संपत्ति का बंटवारा अपनी इच्छा के अनुसार तय कर सकता है। इसके लिए वसीयत बनाना सबसे आसान और प्रभावी तरीका है।

Indian Succession Act, 1925 के अनुसार, व्यक्ति अपनी पूरी या कुछ संपत्ति किसी को भी दे सकता है। इसमें परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, यहां तक कि कोई बाहरी व्यक्ति या चैरिटेबल ट्रस्ट भी शामिल हो सकते हैं।

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