Property: देशभर में सोमवार 20 अक्टूबर को दिवाली मनाई गई। ऐसे में कई परिवार अपने घरों की मरम्मत, सजावट या बढ़ाने का काम किया। कई लोगों ने दिवारों पर पेंट कराया या नया इंटीरियर कराया। वहीं कुछ लोग बड़े स्तर पर रिनोवेशन या नया घर बनाने की सोच रहे हैं। लेकिन ऐसे कामों में काफी खर्च आता है। हर किसी के पास इतना पैसा एक साथ नहीं होता। इसलिए ज्यादातर लोग होम लोन या रिनोवेशन लोन का सहारा लेते हैं। अक्सर सवाल उठता है कि अगर जमीन या घर मां या दादी के नाम पर है, तो क्या ऐसे में लोन लिया जा सकता है? और इसका क्या प्रोसेस है?
इस पर ओरम डेवलपमेंट्स के संस्थापक और प्रॉपर्टी एक्सपर्ट प्रदीप मिश्रा बताते हैं कि अगर पहले से बने हुए घर की मरम्मत करनी है, तो बैंक से होम रिनोवेशन लोन मिल सकता है। उन्होंने कहा कि अगर आपकी मां या दादी के नाम पर पहले से घर बना हुआ है, तो रिनोवेशन लोन आसानी से मिल जाता है। लेकिन अगर जमीन खाली है, तो मामला कंस्ट्रक्शन लोन का बन जाता है, जिसमें कुछ अलग शर्तें होती हैं।
बैंक हमेशा चाहते हैं कि जिस प्रॉपर्टी पर लोन लिया जा रहा है, उसके सभी कानूनी मालिक लोन के को-अप्लिकेंट हों। यानी अगर घर या जमीन मां या दादी के नाम पर है, तो उन्हें लोन आवेदन में शामिल करना जरूरी होता है। इससे बैंक को स्वामित्व की स्पष्ट जानकारी मिलती है और लोन मंजूर होने की संभावना बढ़ जाती है।
खाली जमीन बनाम बना हुआ घर
अगर पहले से घर बना हुआ है, तो रिनोवेशन लोन लेना आसान होता है क्योंकि बैंक के पास गिरवी रखने के लिए प्रॉपर्टी होती है। वहीं अगर जमीन खाली है, तो बैंक इसे कंस्ट्रक्शन लोन के रूप में प्रोसेस करता है। इसमें जमीन के मालिक को को-अप्लिकेंट बनाना जरूरी होता है। इससे बैंक को भरोसा मिलता है कि लोन सही स्वामित्व वाली प्रॉपर्टी पर लिया जा रहा है।
मिश्रा ने सलाह दी कि लोन लेने से पहले बैंक से बातचीत शुरू कर देनी चाहिए और सारे मालिकाना डॉक्यूमेंट तैयार रखे जाने चाहिए। सही डॉक्यूमेंटेशन और को-ओनर्स को शामिल करने से लोन प्रोसेस तेज और बिना परेशानी के पूरा हो जाता है।