प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (Pradhan Mantri Awaas Yojana-Gramin – PMAY-G ) के तहत 1.75 करोड़ घरों का निर्माण किया है। इस बात की जानकारी संसद में केंद्र सरकार ने दी है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति (Sadhvi Niranjan Jyoti) ने राज्यसभा में बताया कि इस योजना के तहत 2.28 घर बनाने की मंजूरी मिली हुई थी। जिसमें से 9 मार्च, 2022 तक 1.75 करोड़ घर बनाए जा चुके हैं। बता दें कि PMAY-G ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए पक्के घर बनाने के लिए शुरू की गई थी।
इस योजना के तहत लाभार्थी को 3 किश्तों में पैसे दिए जाते हैं। जो कि घर बनाने के अनुसार किश्त दी जाती है। जैसे जब पैसे स्वीकृत हो जाते हैं तो पहली किश्त दी जाती है। इसके बाद नींव पड़ने और छत पड़ने के समय किश्तों में पैसे दिए जाते हैं।
कोरोना के चलते रुक गया था काम
मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने बताया कि महामारी के चलते निर्माण गतिविधियों पर असर पड़ा था, जिससे PMAY-G के तहत बनने वाले घरों की गति धीमी हो गई थी। लिहाजा घरों के निर्माण में देरी हुआ लोगों को इसे देने में थोड़ा समय लगा। इसके अलावा उन्होंने आगे कहा कि घरों के निर्माण में देरी के कारण कुछ और भी कारण शामिल हैं। जिनमें राज्य के नोडल अकाउंट में केंद्रीय और राज्य के हिस्से को जारी करने में देरी, भूमि आवंटन जैसे तमाम मामले सामने आए।
इसके अलावा उन्होंने ये भी बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मार्च 2021 के बाद से मार्च 2024 तक PMAY-G योजना को जारी रखने की भी मंजूरी दे दी है। यह योजना तब तक जारी रहेगी, जब तक PMAY-G के तहत निर्धारित 2.95 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो जाता है।
इन लोगों को मिलता है इस योजना का लाभ
बता दें कि सरकार की ओर से जारी इस योजना का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलता है। इसके तहत घर खरीदने के लिए सरकार की ओर से 2.67 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाती है। लेकिन सरकार द्वारा अब इस योजना में मध्यम आय वर्ग के लोगों को भी शामिल किया गया है।