नोएडा के ट्विन टावर की तरह ढहेगा दिल्ली का यह अपार्टमेंट, 12 टावर और 336 फ्लैट होंगे जमींदोज, DDA ने मंगाई बोलियां

नोएडा के ट्विन टावर के बाद अब दिल्ली में एक अपार्टमेंट को गिराए जाने की तैयारी हो रही है। दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) ने इसके लिए टेंडर निकालर कॉन्ट्रैक्टर्स से बोलियां मंगाई है। जिस अपार्टमेंट को गिराए जाने की तैयारी हो रही है, उसका नाम 'सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट हाउसिंग कॉम्प्लेक्स (Signature View Apartment Housing Complex)' है और यह नॉर्थ दिल्ली के मुखर्जी नगर में स्थित है

अपडेटेड Apr 11, 2024 पर 3:21 PM
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IIT दिल्ली की एक टीम ने इस अपार्टमेंट को रहने के लिए अगोग्य घोषित किया था

नोएडा के ट्विन टावर के बाद अब दिल्ली में एक अपार्टमेंट को गिराए जाने की तैयारी हो रही है। दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) ने इसके लिए टेंडर निकालर कॉन्ट्रैक्टर्स से बोलियां मंगाई है। जिस अपार्टमेंट को गिराए जाने की तैयारी हो रही है, उसका नाम 'सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट हाउसिंग कॉम्प्लेक्स (Signature View Apartment Housing Complex)' है और यह नॉर्थ दिल्ली के मुखर्जी नगर में स्थित है। IIT दिल्ली की एक टीम ने इस अपार्टमेंट को रहने के लिए अगोग्य घोषित किया था, जिसके बाद पिछले साल उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने ध्वस्त किए जाने का आदेश जारी किया था।

अधिकारियों ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट पहले साइट की जांच और विस्तृत सर्वे कर इसको गिराए जाने से जुड़ी चुनौतियों को समझेगा और फिर बिल्डिंग को गिराए जाने की संभावित तकनीक का चयन करेगा। उन्होंने कहा कि एक निश्चित समय सीमा के भीतर परिसर को ध्वस्त कर दिया जाएगा।

DDA के एक अधिकारी ने कहा, "कॉन्ट्रैक्टर का चयन करने के लिए जल्द ही वित्तीय बोलियां खोलने की तारीख घोषित की जाएगी।''


डीडीए के टेंडर प्रस्ताव के मुताबिक, चयनित एजेंसी को कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने के 120 दिनों के अंदर बिल्डिंग को गिराने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त करने की पूरी जिम्मेदारी एजेंसी की होगी। इसमें कहा गया है कि बिल्डिंग लाइन से जुड़ी किसी भी बाहरी सेवाओं को तब तक नहीं तोड़ा जाएगा जब तक कि डीडीए का प्रभारी इंजीनियर ऐसा करने का निर्देश न दे। इन सेवाओं में सीवर, नालियां, बिजली के तार, पानी की पाइपलाइन और चारदीवारी आदि शामिल हैं।

DDA के डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि आसपास की बिल्डिंगों और मानव जीवन की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एजेंसी को एक प्रोफेशनल कंसल्टेंट को हायर करना होगा। इस कंसल्टेंट के पास मल्टी-स्टोरी RCC स्ट्रक्चर वाली बिल्डिगों को उसकी देखरेख में गिराने जाने का कम से कम 7 साल का अनुभव होना चाहिए।

सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स साल 2007 से 10 के दौरान DDA ने बनाया था और फ्लैटों की डिलीवरी 2012 में शुरू हुई थी। हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में 6 से 12 मंजिलों वाले कुल 12 टावर हैं। साल 2012 में DDA के आदेश पर IIT दिल्ली की एक टीम ने इस कॉम्पलेक्स की स्टडी की और इमारत के स्ट्रक्चर को रहने के लिए असुरक्षित बताया। टीम ने सुझाव दिया गया कि सबसे अच्छा विकल्प इस परिसर को "खाली करना और नष्ट करना" था।

अपार्टमेंट के निवासियों की शिकायत के बाद, दिल्ली के उपराज्यपाल सक्सेना ने 24 जनवरी 2023 को DDA को निर्देश दिया कि वह इस हाउसिंग कॉम्प्लेक्स को गिराकर इसे रीडेवलप करे और उसमें रहने वाले लोगों के अस्थायी पुनर्वास की व्यवस्था करे। सक्सेना ने इसके साथ ही बिल्डिंग के निर्माण में शामिल ठेकेदारों और एजेंसियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही का भी आदेश दिया है। बता दें कि सक्सेना, उपराज्यपाल होने के साथ DDA के अध्यक्ष भी हैं।

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