Goa government notice to Yuvraj Singh: पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह को गोवा सरकार का नोटिस, जानिए क्या है पूरा मामला

युवराज सिंह को मामले की सुनवाई के लिए 8 दिसंबर से पहले हाजिर होना होगा। ऐसा नहीं करने पर उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा

अपडेटेड Nov 23, 2022 पर 4:47 PM
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गोवा सरकार के नोटिस में कहा गया है कि पूर्व क्रिकेटर जरूरी इजाजत के बगैर अपने हॉलीडे होम का इस्तेमाल रेंट के लिए कर रहे हैं।

Goa government notice to Yuvraj Singh:पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) को गोवा सरकार (Goa government) का नोटिस मिला है। दरअसल, उन्होंने एक महीना पहले अपने गोवा स्थित हॉलीडे होम 'कासा सिंह' (Casa Singh) में ठहरने के लिए अपने फैंस को आमंत्रित किया था। अब गोवा के टूरिज्म डिपार्टमेंट (Tourism department of Goa) ने उन्हें नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि पूर्व क्रिकेटर जरूरी इजाजत के बगैर अपने हॉलीडे होम का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस नोटिस की एक कॉपी सिर्फ न्यूज18 के पास है। नोटिस में टूरिज्म डिपार्टमेंट ने युवराज सिंह को टूरिज्म के डिप्टी डायरेक्टर राजेश काले के समक्ष हाजिर होने को कहा गया है। यह भी कहा गया है कि युवराज सिंह को मामले की सुनवाई के लिए काले के चैंबर में 8 दिसंबर से पहले हाजिर होना होगा। ऐसा नहीं करने पर उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा।

क्या है गोवा सरकार का नियम?

इस बारे में टूरिज्म के डायरेक्टर निखिल देसाई ने न्यूज18 को बताया कि राज्य सरकार उन होटल्स, विलाज और अपार्टमेंट पर कार्रवाई कर रही है, जिनका इस्तेमाल इजाजत के बगैर किराए पर देने के लिए किया जा रहा है। युवराज सिंह का यह हॉलीडे होम गोवा सरकार के टूरिज्म डिपार्टमेंट की निगाहों में तब आया जब यह पाया गया कि 400 दूसरी प्रॉपर्टी की तरह इसने भी रजिस्ट्रेशन के लिए टूरिज्म डिपार्टमेंट के पास अप्लाई नहीं किया है। देसाई ने कहा है कि गोवा सरकार उन लोगों के खिलाफ अभियान चलाती रहती है, जो टूरिज्म डिपार्टमेंट में रजिस्ट्रेशन के बगैर अपनी प्रॉपर्टी का इस्तेमाल रेंट कमाने के लिए करते हैं।


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युवराज सिंह के लिए क्या है रास्ता?

देसाई ने कहा, "हमने पाया है कि कई लोग हमारे नोटिस की अनदेखी कर रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि उन्हें प्रोसिजर के तहत नॉमिनल अमाउंट के साथ अपनी प्रॉपर्टी को टूरिज्म डिपार्टमेंट के पास रजिस्टर कराना अनिवार्य है। कई बार रिमाइंडर भेजने के बाद बावजूद वे नियम का उल्लंघन कर रहे हैं। सिर्फ अक्टूबर में डिपार्टमेंट ने ऐसे 400 नोटिस भेजे थे। अगर कोई इनकी अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी। उसे 1 लाख रुपये की पेनाल्टी चुकानी होगी।"

सख्ती का गोवा सरकार को हो रहा फायदा

उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति पेनाल्टी नहीं चुकाता है तो उसकी प्रॉपर्टी की पानी और बिजली की सप्लाई काट दी जाएगी। फिर, प्रॉपर्टी के मालिक के पास डिपार्टमेंट में आने के सिवाय दूसरा कोई विकल्प नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हम नियम का उल्लंघन करने वाले सभी लोगों को नोटिस भेज रहे हैं। हम यह नहीं देखेंगे कि कौन कितना ताकतवर और बड़ा व्यक्ति है। हमारा यह अभियान सफल रहा है, क्योंकि न सिर्फ पेनाल्टी के रूप में हमारी कमाई हो रही है बल्कि 800 से ज्यादा प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लिकेशन हमारे पास आए हैं।

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