सूचना प्रौद्योगिकी (information technology (IT) क्षेत्र जिसमें कभी ऑफिस स्पेस की लीजिंग की बहुत ज्यादा मांग नजर आती थी वहीं लीजिंग ट्रांजेक्शन में आईटी सेक्टर की हिस्सेदारी लगातार गिर रही है। संपत्ति सलाहकार नाइट फ्रैंक इंडिया (property consultant Knight Frank India) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार कैलेंडर वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में ऑफिस ट्रांजेक्शन में आईटी क्षेत्र की हिस्सेदारी पिछले वर्ष की समान अवधि में 41% से घटकर 27% पर आ गई है।
कोरोना महामारी के कारण वर्क फ्रॉम होम कल्चर को अपनाने में वृद्धि के चलते आईटी कंपनियों ने खासकर मार्च 2021 में देश में कोविड की गंभीर दूसरी लहर के बाद कार्यालय के लिए जगह (office spaces) को किराये पर लेने के अपने फैसले को स्थगित कर दिया।
हालांकि 2021 की दूसरी छमाही में ग्रेड ए संपत्तियों के लिए कुल ऑफिस ट्रांजेक्शन में आईटी सबसे बड़ा योगदानकर्ता था, लेकिन केवल एक वर्ष में इसकी हिस्सेदारी में भारी गिरावट देखने को मिली है। कार्यालय के किराये की वजह से भी ये गिरावट आई है। नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि सालाना आधार पर 2021 में किराये में 7.6% की गिरावट नजर आई है।
हालांकि कुछ आईटी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को धीरे-धीरे कार्यालय बुलाना शुरू कर दिया है लेकिन नए ओमीक्रोन वैरिएंट से संबंधित अनिश्चितता के कारण कार्यालय में पूर्ण वापसी की संभावना नहीं है। इस बीच, आईटी कंपनियों ने एक हाइब्रिड वर्किंग मॉडल अपनाया है, जो कार्यालय से और घर से काम करने का एक कॉम्बिनेशन है। इसका मतलब है कि शॉर्ट टर्म में कार्यालय की रिक्तियां बढ़ जाएंगी। इसलिए, रियल एस्टेट विश्लेषकों को निकट अवधि में कार्यालय के किराये में सार्थक सुधार देखने की उम्मीद नहीं है। इस पर लिस्टेड आरईआईटी (REIT) के प्रबंधन द्वारा वित्त वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही में ऑफिस लीज के रेंटल और रिनीवल पर की गई टिप्पणी पर ध्यान देना जरूरी है।
उनका स्टेटमेंट है कि हाल की तिमाहियों में आईटी सेक्टर में बड़ी संख्या में नये कर्मचारियों की हायरिंग के चलते कार्यालय की मांग के लिए आशा की एक किरण उभरती है। 5 जनवरी की नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल 2020 से सितंबर 2021 की अवधि के दौरान भारत में शीर्ष पांच आईटी कंपनियों द्वारा लगभग 2.6 लाख कर्मचारियों को काम पर रखा गया है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि भारत में सिर्फ शीर्ष पांच आईटी कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को काम पर रखने से लगभग 1.2 करोड़ वर्ग फुट अनुमानित कार्यालय स्पेस की जरूरत पड़ सकती है।