प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इससे यमुना एक्सप्रेस कॉरिडोर इलाके के जमीन मालिकों की खुशियां बढ़ गई हैं। यह एयरपोर्ट से जेवर में स्थित है, जो दिल्ली से करीब 75 किलोमीटर है। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद एनसीआर का दूसरा एयरपोर्ट है। इस एयरपोर्ट के उद्घाटन के पहले से ही इलाके की जमीन की कीमते आसमान छू रही हैं।
प्रॉपर्टी की कीमतें 5 साल में 500% से ज्यादा उछलीं
नोएडा एयरपोर्ट के पास की जमीनें पहले खेती के लिए इस्तेमाल होती थीं। आज इन जमीनों का कमर्शियल इस्तेमाल हो रहा है। रियलएक्स स्टैट्स के मुताबिक, यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास की जमीनों की कीमतें बीते 5 साल में 500 फीसदी बढ़ चुकी हैं। 2020 में इन जमीनों की औसत कीमत करीब 1,650 रुपये वर्ग फीट थी, जो 2025 में बढ़कर 10,500 रुपये प्रति वर्ग फीट तक पहुंच गई थी। यह 536 फीसदी का इजाफा है।
इस इलाके में अपार्टमेंट की कीमतों में भी इजाफा
इस इलाके में सिर्फ जमीनों की कीमतें नहीं नहीं बढ़ी हैं। अपार्टमेंट की कीमतों में भी बड़ा उछाल देखने को मिला है। लेकिन, यह जमीन के मुकाबले कम है। इस दौरान अपार्टमेंट की कीमतों में 158 फीसदी उछाल है। इस इलाके के जानकारों का कहना है कि इस इलाके में दोनों तरह के इनवेस्टर्स दिलचस्पी दिखा रहे हैं। कई इनवेस्टर्स इनवेस्टमेंट के लिए रियल एस्टेट में पैसे लगा रहे हैं, जबकि कुछ खुद के इस्तेमाल के लिए निवेश कर रहे हैं।
रियल एस्टेट में सुस्ती के दौरान भी निवेशकों की दिलचस्पी
कई मालिकों के लिए उनकी जमीन सोने की खान बन गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ साल पहले जब एनसीआर के दूसरे इलाकों में रियल एस्टेट बाजार में सुस्ती थी, तब भी एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट में काफी निवेश हो रहा था।
इस इलाके में ग्लोबल इनवेस्टर्स की भी दिलचस्पी
एयरपोर्ट के आसपास के इलाके में ग्लोबल इनवेस्टर्स की दिलचस्पी भी दिखी है। 2025 के पहले 9 महीनों में ग्लोबल कपैबिलिटी सेंटर्स (GCCs) ने इस इलाके में 9,28,000 वर्ग फुट ऑफिस स्पेस लीज पर लिए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह इलाका कई लग्जरी रेजिडेंशियल प्लॉट्स का ठिकाना भी बनने जा रहा है। इस एयरपोर्ट का सालाान कार्गो हैंडलिंग कपैसिसीट 2.5 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा की है। बाद में इसे बढ़ाकर 18 लाख मीट्रिक टन करने का प्लान है।
व्यावसायिक गतिविधियों से किराए के घरों की मांग बढ़ने की उम्मीद
40 एकड़ में मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) फैसिलिटी भी बन रही है। एमआरओ की वजह से इस इलाके का तेजी से इंडस्ट्रियल ग्रोथ होगा। एक्सपोर्ट्स का कहना है कि औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से इस इलाके को काफी वर्कफोर्स की जरूरत होगी। इससे इस इलाके में किराए के घरों की मांग भी बढ़ेगी।