6 शहरों में 35% बढ़ी ऑफिस की डिमांड, टॉप पर दिल्ली-मुंबई से आगे निकली यह सिटी

देश के छह अहम शहरों में ऑफिसों की मांग मजबूत बनी हुई है। वर्कस्पेस की ग्रॉस लीजिंग मार्च 2023 तिमाही में सालाना आधार पर 35 फीसदी बढ़ सकता है। ये अनुमानित आंकड़े रीयल एस्टेट कंसल्टैंट Colliers India ने जारी किए हैं। आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2024 तिमाही में छह अहम शहरों- दिल्ली एनसीआर, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई में ऑफिस स्पेस की टोटल ग्रॉस लीजिंग बढ़कर 1.36 करोड़ स्क्वॉर फीट पहुंचने का अनुमान है

अपडेटेड Mar 23, 2024 पर 4:55 PM
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कॉमर्शियल ऑफिस मार्केट के रूप में हैदराबाद की पहचान मजबूत बनी हुई है।

देश के छह अहम शहरों में ऑफिसों की मांग मजबूत बनी हुई है। वर्कस्पेस की ग्रॉस लीजिंग मार्च 2023 तिमाही में सालाना आधार पर 35 फीसदी बढ़ सकता है। ये अनुमानित आंकड़े रीयल एस्टेट कंसल्टैंट Colliers India ने जारी किए हैं। आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2024 तिमाही में छह अहम शहरों- दिल्ली एनसीआर, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई में ऑफिस स्पेस की टोटल ग्रॉस लीजिंग बढ़कर 1.36 करोड़ स्क्वॉर फीट पहुंचने का अनुमान है। पिछले साल यह आंकड़ा 1.01 करोड़ स्क्वॉयर फीट था। इनमें कुल लीजिंग एक्टिविटी का 58 फीसदी तकनीक, इंजीनियरिंग और मैनुफैक्चरिंग और BFSI (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस) सेक्टर्स की हिस्सेदारी है।

यह तिमाही खत्म होने से पहले ये आंकड़े इसलिए आए हैं क्योंकि अब इस महीने में सिर्फ तीन ही वर्किंग दिन बचे हैं और इसमें ग्रॉस लीजिंग के आंकड़ों के लिए सिर्फ उन्हीं को लिया गया है, जिनकी डील हो चुकी है। इन आंकड़ों में लीज रिन्यूएबल्स, प्री-कमिटमेंट्स और सिर्फ लेटर ऑफ इंटेंट साइन हुए डील्स नहीं शामिल हैं।

चेन्नई में गिर सकती है मांग


रीयल एस्टेट कंसल्टैंट के मुताबिक हैदराबाद, मुंबई, बंगलुरु और दिल्ली एनसीआर में ऑफिस स्पेस की मांग बढ़ सकती है। वहीं दूसरी तरफ चेन्नई में मांग गिर सकती है। पुणे की बात करें तो यहां मांग 80 लाख स्क्वॉयर फीट पर स्थिर बनी रहने वाली है। हैदराबाद में ऑफिस स्पेस की लीजिंग मार्च 2024 तिमाही में सालाना आधार पर 13 लाख स्क्वॉयर फीट से करीब दोगुना उछलकर 29 लाख स्क्वॉयर फीट, मुंबई में 90 फीसदी उछलकर 10 लाख स्क्वॉयर फीट से 19 लाख स्क्वॉयर फीट, बंगलुरु में 32 लाख स्क्वॉयर फीट से 25 फीसदी बढ़कर 32 लाख स्क्वॉयर फीट से 40 लाख स्क्वॉयर फीट और दिल्ली एनसीआर में 14 फीसदी उछलकर 22 लाख स्क्वॉयर फीट से 25 लाख स्क्वॉयर फीट पर पहुंच सकता है। हालांकि चेन्नई की बात करें तो यहां मांग 6 फीसदी गिरकर 16 लाख स्क्वॉयर फीट से 15 लाख स्क्वॉयर फीट पर आ सकता है।

हैदराबाद को लेकर बना है मजबूत रुझान

Colliers India के एमडी (ऑफिस सर्विसेज) अर्पित मेहरोत्रा का कहना है कि कॉमर्शियल ऑफिस मार्केट के रूप में हैदराबाद की पहचान मजबूत बनी हुई है। अर्पित के मुताबिक यहां बाकी मार्केट्स की तुलना में प्राइस ऑर्बिट्रेज काफी है और यहां ग्लोबल कैबिलिटी सेंटर्स ने भी मांग को अच्छा सपोर्ट दिया है। सरकारी नीतियों, इंफ्रा के लगातार अपग्रेड होने और फेवरेबल बिजनेस इकोसिस्टम के चलते हैदराबाद निवेशकों, अकुपायर्स और लीडिंग रीयल एस्टेट डेवलपर्स की पसंद बना हुआ है।

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