RBI Big Announcement: फर्जी ट्राजैक्शंस में लगी चपत? अब ₹25000 का मुआवजा देने की है तैयारी

RBI Big Announcement: जैसे-जैसे डिजिटल दुनिया बढ़ रहा है, फर्जी ट्रांजैक्शंस की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। अब इसे लेकर आम लोगों को राहत देने के लिए नए फ्रेमवर्क का ऐलान किया है जिसके तहत ₹25 हजार तक का मुआवजा मिल सकता है। जानिए इस ऐलान का मतलब और फर्जी ट्रांजैक्शंस का खतरा कितना बढ़ा है?

अपडेटेड Feb 06, 2026 पर 1:09 PM
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आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ऐलान किया कि फर्जी ट्रांजैक्शन से हुए घाटे की भरपाई के लिए ₹25 हजार तक का मुआवजा देने के लिए एक फ्रेमवर्क लाया जा रहा है।

RBI Big Announcement: केंद्रीय बैंक आरबीआई ने रेपो रेट के साथ एक और बड़ा ऐलान किया है। आरबीआई ने आम लोगों को फर्जीवाड़ के मामले को लेकर बड़ी राहत का ऐलान किया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ऐलान किया कि फर्जी ट्रांजैक्शन से हुए घाटे की भरपाई के लिए ₹25 हजार तक का मुआवजा देने के लिए एक फ्रेमवर्क लाया जा रहा है। आरबीआई गवर्नर का कहना है कि धोखाधड़ी से प्रभावित ग्राहकों को ₹25,000 तक या कुल राशि का 85% तक मुआवजा दिया जाएगा, बशर्ते लेनदेन दुर्भावनापूर्ण न हो। इसके साथ ही RBI ने पेमेंट सेफ्टी बढ़ाने के लिए एक डिस्कशन पेपर पब्लिश करने की भी बात कही है जिसमें ट्रांजेक्शन लिमिट और सीनियर सिटिजन जैसी कुछ कैटेगरी के यूजर्स के लिए एक्स्ट्रा ऑथेंटिकेशन जैसे तरीके शामिल हो सकते हैं।

कितना बड़ी है डिजिटिल पेमेंट्स में सेंध?

भारत दुनिया के उन देशों में शुमार है, जहां डिजिटल पेमेंट्स का वॉल्यूम सबसे हाई है। हालांकि इसके साथ ही फर्जीवाड़े की घटनाएं भी सामने आई हैं। हालांकि भारत में इस पर काफी हद तक अंकुश लगा हुआ है और हर 1,01,242 ट्रांजैक्शंस पर एक फर्जी ट्रांजैक्शन के मामले सामने आए हैं जिसमें हर ₹1 लाख पर सिर्फ ₹1.40 लाख खोए हैं। यह खुलासा आरबीआई के एक सीनियर अधिकारी पी वासुदेवन ने 5 फरवरी 2026 को हैदराबाद में शील्ड 2026 कॉनक्लेव में दी थी। भारत में डिजिटल ट्रांजैक्शंस कितना हो रहा है, इसे लेकर उन्होंने बताया कि 31 जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के हिसाब से हर दिन करीब ₹9 लाख करोड़ के औसतन 81 करोड़ ट्रांजैक्शंस हो रहे हैं।


Repo Rate को लेकर क्या हुआ है फैसला?

आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है यानी कि रेपो रेट 5.25% पर स्थिर है। इससे पहले दिसंबर 2025 में आरबीआई ने रेपो रेट को 25 बीपीएस कम करके 5.5% से 5.25% कर दिया था। अप्रैल 2025 के बाद से यह पहली कटौती थी। रेपो रेट में कटौती होता है तो लोन की किश्तें कम होने की संभावना बढ़ती है लेकिन एफडी पर ब्याज भी कम हो सकता है। आरबीआई गवर्नर का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। घरेलू महंगाई और ग्रोथ आउटलुक के मोर्चे पर पॉजिटिविटी है। उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीतियों की दिशा रिवाइज्ड सीरीज पर बेस्ड नए महंगाई आंकड़ों से तय होगी।

उन्होंने कहा कि कीमती धातुओं के उतार-चढ़ाव को छोड़कर कोर महंगाई एक दायरे में रहने की उम्मीद है। FY26 के लिए खुदरा महंगाई 2.1% रहने का अनुमान है। Q4 यानि कि जनवरी-मार्च 2026 में इसके 3.2% रहने का अनुमान है। महंगाई FY27 की पहली छमाही में ज्यादा नॉर्मल होने की उम्मीद है। अप्रैल-जून 2026 में इसके 4.0% और जुलाई-सितंबर 2026 में 4.2% रहने का अनुमान है।

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