आरबीआई ने दिसंबर की अपनी मॉनेटरी पॉलिसी पेश कर दी है। आरबीआई गवर्नर शक्किकांत दास ने 6 दिसंबर को सुबह 10 बजे एमपीसी की बैठक के नतीजों का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि एमपीसी ने रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। यह 6.5 फीसदी पर बना रहेगा। इसकी उम्मीद पहले से की जा रही थी। यह माना जा रहा था कि इनफ्लेशन में उछाल को देखते हुए आरबीआई दिसंबर की मॉनेटरी पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट नहीं घटाएगा।
प्राइस कंट्रोल पर आरबीआई का फोकस बना रहेगा
एमपीसी (MPC) की बैठक 4 दिसंबर को शुरू हुई थी। 6 दिसंबर को बैठक खत्म होने के बाद आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने इसके नतीजों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि प्राइस स्टैबिलिटी सबसे ज्यादा जरूरी है। साथ ही ग्रोथ भी बहुत जरूरी है। जीडीपी ग्रोथ (GDP Growth) की अनदेखी नहीं की जा सकती। एमपीसी का काम दोनों का ध्यान रखना है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों के सामने ग्रोथ बढ़ाने के साथ प्राइस को कंट्रोल में रखने का चैलेंज रहा है। यह चैलेंज विकसित और विकासशील दोनों तरह के देशों के सामने रहा है।
एमपीसी के 4 सदस्य रेपो रेट में बदलाव नहीं चाहते
उन्होंने कहा कि एमपीसी ने मैक्रो इकोनॉमी की स्थितियों को ध्यान में रख 4-2 के अनुपात में रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला किया है। यह 6.5 फीसदी पर बना रहेगा। इसका मतलब है कि फिलहाल होम लोन की EMI में किसी तरह का बदलाव होने नहीं जा रहा है। हालांकि, पहले से अनुमान लगाया जा रहा था कि आरबीआई दिसंबर की पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट नहीं घटाएगा, लेकिन इससे होम लोन लेने वाले लोगों को मायूसी हुई है।
इनफ्लेशन में उछाल से आरबीआई ने नहीं घटाया रेपो रेट
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अक्टूबर में इनफ्लेशन में उछाल की वजह से रिजर्व बैंक ने इंटरेस्ट रेट नहीं घटाने का फैसला किया है। एमपीसी के छह में से 4 सदस्यों का मानना था कि अभी रेपो रेट में बदलाव करना ठीक नहीं होगा, जबकि 2 सदस्यों का मानना था कि रेपो रेट में कमी की जानी चाहिए। लेकिन, रेपो रेट नहीं घटाने के प्रस्ताव में ज्यादा सदस्यों के मतदान करने से आरबीआई ने रेपो रेट नहीं घटाने का फैसला किया।
फरवरी की मॉनेटरी पॉलिसी में घट सकता है रेपो रेट
होम लोन लेने वाले लोगों को अब इंटरेस्ट रेट में कमी के लिए फरवरी तक इंतजार करना होगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि RBI फरवरी की अपनी मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट में कमी कर सकता है। इसकी बड़ी वजह यह है कि इनफ्लेशन में आगे आ सकती है। अगर यह 4 फीसदी के आरबीआई के टारगेट तक आ जाती है तो केंद्रीय बैंक फरवरी की मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट में कम से कम 25 बेसिस प्वाइंट्स की कमी कर सकता है। यह रेपो रेट में कमी की शुरुआत होगी। इसके बाद केंद्रीय बैंक अप्रैल की मॉनेटरी पॉलिसी में भी 25 बेसिस प्वाइंट्स की कमी कर सकता है।
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अगर आपने होम लोन लेने का प्लान बनाया है तो आपको फरवरी तक इंतजार कर लेना चाहिए। फरवरी में रेपो रेट घटने की उम्मीद है। रेपो रेट घटने के बाद बैंक होम लोन के इंटरेस्ट रेट में कमी करेंगे। इससे होम लोन लेना सस्ता हो जाएगा। आपकी EMI कम रहेगी। जिन लोगों ने पहले से लोन ले रखा है, उन्हें भी लोन ट्रांसफर सहित कोई नया फैसला लेने के लिए फरवरी तक इंतजार कर लेना चाहिए। इसके बाद ही उन्हें किसी तरह का फैसला लेना चाहिए।