रियल एस्टेट कंपनियां नए रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स लॉन्च करते वक्त ग्राहकों से कई वादें करती हैं। इसका मकसद ग्राहक को अट्रैक्ट करना होता है। ग्राहक के फ्लैट खरीद लेने के बाद कंपनी का व्यवहार बदल जाता है। कंपनी के वादों पर भरोसा कर फ्लैट खरीदने वाले ग्राहक को मायूसी हाथ लगती है। ग्राहक को पेश आने वाली एक सबसे बड़ी दिक्कत प्रोजेक्ट का समय पर नहीं होना है। इससे खासकर उन ग्राहकों को ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ता है, जिन्होंने होम लोन लेकर फ्लैट खरीदा है। होम लोन लेने के बाद उसकी ईएमआई शुरू हो जाती है। सवाल है कि फ्लैट की डिलीवरी में देरी पर रियल एस्टेट कंपनी के खिलाफ कहां शिकायत की जा सकती है?
