Fixed Deposit returns: ₹5 लाख की FD पर हर महीने कितनी होगी कमाई, समझिए टैक्स और ब्याज का पूरा कैलकुलेशन
Fixed Deposit returns: 5 लाख रुपये की FD पर हर महीने कितनी कमाई होती है, ब्याज पर कितना टैक्स कटता है और महंगाई के दौर में यह निवेश कितना फायदेमंद है। पूरे कैलकुलेशन के साथ जानिए कैसे करें सही फैसला।
FD का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इसका रिटर्न अक्सर महंगाई से बस थोड़ा ही ज्यादा होता है।
Fixed Deposit returns: महंगाई हर महीने चुपचाप जेब पर असर डालती है, जो आपके पैसों की वैल्यू को कम करती है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने पैसों को सही जगह निवेश करें। स्टॉक मार्केट, म्यूचुअल फंड और गोल्ड कई लोकप्रिय निवेश साधन हैं। लेकिन, यहां जोखिम रहता है और रिटर्न की भी गारंटी नहीं रहती। यही वजह है कि बहुत से लोग फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को तरजीह देते हैं। यहां तक कि स्टॉक मार्केट, म्यूचुअल फंड और गोल्ड में भी पैसे लगाने वाले डायवर्सिफिकेशन के लिए कुछ पैसा एफडी में रखते हैं।
आइए जानते हैं कि अगर आप 5 लाख रुपये की FD कराते हैं, तो असल में हर महीने हाथ में कितना पैसा आएगा, उसमें से टैक्स कितना कटेगा और क्या यह आज के दौर में वाकई समझदारी भरा फैसला है।
5 लाख की FD पर कितनी होगी कमाई
अगर आप बैंक या पोस्ट ऑफिस में 5 लाख रुपये की Fixed Deposit करते हैं, तो आपकी कमाई पूरी तरह ब्याज दर और FD की अवधि पर निर्भर करती है। अभी ज्यादातर बैंक आम लोगों को करीब 6.5 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत तक सालाना ब्याज दे रहे हैं। सीनियर सिटिजन को आमतौर पर इससे 0.50 प्रतिशत ज्यादा ब्याज मिल जाता है।
मान लीजिए आपकी FD पर 7 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। इस हिसाब से 5 लाख रुपये पर एक साल में करीब 35 हजार रुपये का ब्याज बनेगा। अगर इसे हर महीने में बांट दें, तो औसतन करीब 2,900 रुपये महीने की आमदनी होती है। कई बैंक मासिक ब्याज लेने का विकल्प भी देते हैं, लेकिन इसमें कुल ब्याज थोड़ा कम हो सकता है।
FD के ब्याज पर कितना टैक्स देना पड़ता है
FD से मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आता है। यह आपकी सालाना इनकम में जुड़ता है और उसी टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है, जिसमें आप आते हैं।
अगर आपकी कुल टैक्सेबल इनकम तय सीमा से ज्यादा है, तो बैंक ब्याज पर TDS भी काटता है। आम निवेशकों के लिए साल भर में 40 हजार रुपये से ज्यादा ब्याज पर TDS कटता है, जबकि सीनियर सिटिजन के लिए यह सीमा 50 हजार रुपये है।
उदाहरण के तौर पर, अगर आप 5 प्रतिशत टैक्स स्लैब में हैं और FD से साल में 35 हजार रुपये ब्याज कमा रहे हैं, तो इस पर करीब 1,750 रुपये टैक्स देना होगा। ऐसे में टैक्स कटने के बाद आपकी शुद्ध सालाना कमाई लगभग 33,250 रुपये रह जाती है, यानी हर महीने करीब 2,770 रुपये के आसपास की वास्तविक आमदनी।
5 लाख की FD के फायदे क्या हैं?
FD का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें पैसा सुरक्षित रहता है। बाजार गिरने या शेयर टूटने का इस पर कोई असर नहीं पड़ता और आपको पहले से पता होता है कि कितना रिटर्न मिलेगा।
जो लोग हर महीने तय और भरोसेमंद इनकम चाहते हैं, उनके लिए FD एक आसान विकल्प है। खासकर रिटायरमेंट के बाद या फिर कम रिस्क पसंद करने वाले निवेशकों के लिए यह काफी उपयोगी मानी जाती है।
जरूरत पड़ने पर FD को बीच में तोड़ा भी जा सकता है, यानी पैसा पूरी तरह फंसा नहीं रहता। हां, समय से पहले तोड़ने पर थोड़ा पेनल्टी जरूर लगती है।
5 लाख की FD के नुकसान भी हैं
FD का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इसका रिटर्न अक्सर महंगाई से बस थोड़ा ही ज्यादा होता है। अगर महंगाई 6 प्रतिशत के आसपास है और FD पर 7 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है, तो असली फायदा बहुत सीमित रह जाता है।
दूसरी बड़ी दिक्कत टैक्स है। FD के ब्याज पर कोई खास टैक्स छूट नहीं मिलती। जो लोग ऊंचे टैक्स स्लैब में आते हैं, उनके लिए टैक्स कटने के बाद रिटर्न और कम हो जाता है।
लंबे समय में FD से बड़ा पैसा बनाना मुश्किल होता है। यह निवेश आपकी रकम को सुरक्षित रखता है, लेकिन उसे तेजी से बढ़ाने का मौका नहीं देता, जैसा कि इक्विटी या म्यूचुअल फंड जैसे विकल्प दे सकते हैं।
क्या 5 लाख की FD कराना सही फैसला है
अगर आपकी प्राथमिकता पैसा सुरक्षित रखना और हर महीने तय इनकम पाना है, तो 5 लाख की FD एक समझदारी भरा विकल्प हो सकता है। लेकिन अगर आप लंबी अवधि में अच्छी ग्रोथ चाहते हैं और थोड़ा जोखिम ले सकते हैं, तो सिर्फ FD पर निर्भर रहना सही नहीं होगा।
सबसे बेहतर तरीका यह है कि अपनी जरूरत, रिस्क लेने की क्षमता और टैक्स स्थिति को ध्यान में रखकर FD को दूसरे निवेश विकल्पों के साथ संतुलित किया जाए।