ITR फाइल करने का सीजन शुरू होते ही सैलरीड कर्मचारियों के सामने एक बड़ा कन्फ्यूजन खड़ा हो गया है। मील वाउचर पर टैक्स छूट 50 रुपये मिलेगी या 200 रुपये? कई कंपनियां अब कर्मचारियों को 200 रुपये तक का मील बेनिफिट दे रही हैं, जिससे लोगों को लग रहा है कि पूरा अमाउंट टैक्स फ्री होगी। लेकिन सच्चाई थोड़ी अलग है। इस बार रिटर्न भरते समय पुराने नियम ही लागू होंगे। अगर आपने सही जानकारी के बिना छूट क्लेम की, तो टैक्स ज्यादा भी देना पड़ सकता है। ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि इस साल कौन-सा नियम लागू है और आपको कितना फायदा मिल सकता है।
फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अभी भी पुराना नियम ही लागू है। इसके तहत प्रति मील सिर्फ 50 रुपये तक का अमाउंट टैक्स फ्री माना जाएगा। यानी अगर कंपनी आपको 200 रुपये का मील वाउचर देती है, तो उसमें से सिर्फ 50 रुपये ही टैक्स से छूट में आएंगे। बाकी 150 रुपये आपकी सैलरी का हिस्सा माने जाएगा और उस पर टैक्स लगेगा।
नया 200 रुपये वाला नियम क्या है?
सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए मील वाउचर की छूट सीमा बढ़ाकर 200 रुपये प्रति मील कर दी है। लेकिन यह फायदा अभी नहीं मिलेगा। यह नया नियम अगले फाइनेंशियल ईयर (2026-27) से लागू होगा।
यहां एक और जरूरी बात समझना जरूरी है कि FY 2025-26 में मील वाउचर की छूट सिर्फ ओल्ड टैक्स रिजीम में ही मिलती है। अगर आप न्यू टैक्स रिजीम चुनते हैं, तो इस साल आपको यह छूट नहीं मिलेगी। हालांकि, नए नियम लागू होने के बाद यह फायदा दोनों टैक्स रिजीम में मिल सकेगा।
Form 16 में क्यों नहीं दिखता?
कई बार मील वाउचर की जानकारी Form 16 में अलग से नहीं दिखाई देती, जिससे लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं। असल में यह अमाउंट Perquisites के तहत शामिल होती है। इसकी पूरी डिटेल आपको Form 12BA सैलरी स्लिप या कंपनी के ब्रेकअप में मिल सकती है।
मील वाउचर का रिकॉर्ड संभालकर रखें।
सैलरी स्ट्रक्चर और Form 12BA जरूर देखें।
ITR भरते समय सही टैक्सेबल अमाउंट शामिल करें।
इस साल ITR भरते समय 50 रुपये प्रति मील वाला नियम ही मान्य है। 200 रुपये की छूट की बात सही है, लेकिन वह अगले साल से लागू होगी। इसलिए टैक्स बचाने के लिए नियमों को सही तरीके से समझना बेहद जरूरी है, वरना बाद में नोटिस भी आ सकता है।