अप्रेजल के बाद कई नौकरीपेशा लोगों को एक अजीब सा झटका लग चुका है या लगने वाला है। कंपनी ने 8% सैलरी बढ़ोतरी का लेटर तो दे दिया, लेकिन बैंक अकाउंट में पैसा पहुंचा सिर्फ 4-5% बढ़ा हुआ। यानी कागजों पर सैलरी ज्यादा दिखी, लेकिन हाथ में उतना फायदा नहीं आया। इसकी वजह है नया लेबर कोड सिस्टम, जिसके तहत कंपनियां अब सैलरी स्ट्रक्चर बदल रही हैं। नए नियमों में बेसिक सैलरी बढ़ाई जा रही है, जिससे PF और ग्रेच्युटी जैसी कटौतियां भी बढ़ रही हैं। यही कारण है कि इस बार अप्रेजल का पूरा फायदा कर्मचारियों की जेब तक नहीं पहुंच पा रहा।
