देश के सबसे बड़े बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सहयोगी इकाई SBI Card ने अपने सबसे लोकप्रिय 'कैशबैक एसबीआई कार्ड' के रिवॉर्ड स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की घोषणा की है। यह कार्ड अपनी सीधी कैशबैक पॉलिसी के कारण ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों के बीच काफी पसंद किया जाता है, लेकिन अब बैंक ने इसकी मंथली कैशबैक लिमिट को घटाने का फैसला किया है। यदि आप भी इस कार्ड के जरिए बचत करते हैं, तो आपको अपनी प्लानिंग में बदलाव करना पड़ सकता है।
नए नियमों के मुताबिक, एक स्टेटमेंट साइकिल (एक महीने) में मिलने वाले अधिकतम कैशबैक की सीमा को ₹5,000 से घटाकर ₹4,000 कर दिया गया है। सीधे शब्दों में कहें तो अब कार्डधारकों को मिलने वाले फायदे में सीधे 20% की कमी आएगी। एक बार जब आप महीने में ₹4,000 का कैशबैक हासिल कर लेंगे, तो उसके बाद उसी महीने में किए गए किसी भी खर्च पर आपको कोई अतिरिक्त कैशबैक नहीं दिया जाएगा।
बैंक ने केवल कुल लिमिट ही नहीं घटाई है, बल्कि खर्च की श्रेणियों पर भी 'कैप' लगा दी है:
* ऑनलाइन शॉपिंग: ऑनलाइन खर्च पर मिलने वाला 5% कैशबैक अब अधिकतम ₹2,000 प्रति माह तक ही सीमित रहेगा।
* ऑफलाइन/POS खर्च: ऑफलाइन स्टोर पर किए गए खर्च पर मिलने वाला 1% कैशबैक भी अधिकतम ₹2,000 तक ही मिलेगा।
यानी, कुल ₹4,000 का फायदा लेने के लिए आपको ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों श्रेणियों में संतुलित खर्च करना होगा।
रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम करने के नियम भी बदले
कैशबैक के अलावा, रिवॉर्ड पॉइंट्स के रिडेम्पशन सिस्टम में भी सख्ती की गई है। अब यूजर्स अपने पॉइंट्स को केवल 4,000 के मल्टीपल (जैसे 4000, 8000 आदि) में ही भुना (Redeem) सकेंगे। साथ ही, एक महीने में अधिकतम 60,000 पॉइंट्स रिडीम करने की सीमा तय की गई है। ये नियम न केवल कैशबैक कार्ड, बल्कि PhonePe SBI Card PURPLE और SELECT BLACK जैसे अन्य कार्ड्स पर भी लागू होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकों द्वारा समय-समय पर अपने रिवॉर्ड स्ट्रक्चर को रिवाइज करना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन यूजर्स के लिए यह जरूरी है कि वे 1 अप्रैल से पहले अपने मौजूदा पॉइंट्स चेक कर लें। डिजिटल ट्रांजेक्शन के दौर में इस तरह की कटौती उन लोगों को अधिक प्रभावित करेगी जो बड़े खर्चों के लिए केवल एक ही कार्ड पर निर्भर रहते हैं।