SGB का प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन आज, क्या बजट 2026 के बाद इनवेस्टर्स को 4 गुनी कमाई पर टैक्स चुकाना होगा?

SGB 2019-20 सीरीज IX को प्रति ग्राम 4,070 रुपये पर इश्यू किया गया था। SGB सीरीज 2020-21 सीरीज V प्रति ग्राम 5,284 रुपये पर इश्यू किया गया था। 15,540 रुपये के रिडेम्प्शन प्राइस का मतलब है कि दोनों सीरीज के इनवेस्टर्स को करीब 3.8 गुना और करीब 3 गुना मुनाफा हुआ है

अपडेटेड Feb 11, 2026 पर 12:55 PM
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RBI ने फरवरी 2024 के बाद एसजीबी की नई किस्त जारी नहीं की है।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) 2019-20 सीरीज IX और 2020-21 सीरीज V के इनवेस्टर्स आज यानी 11 फरवरी को मैच्योरिटी से पहले पैसे निकाल सकते हैं। इसके लिए प्रति यूनिट 15,440 रुपये का प्राइस तय किया गया है। इस पर टैक्स इस बात पर निर्भर करेगा कि इनवेस्टर ने कब और कहां से एसजीबी बॉन्ड्स खरीदे हैं।

इनवेस्टर्स को 4 गुना तक मुनाफा

SGB 2019-20 सीरीज IX को प्रति ग्राम 4,070 रुपये पर इश्यू किया गया था। SGB सीरीज 2020-21 सीरीज V प्रति ग्राम 5,284 रुपये पर इश्यू किया गया था। 15,540 रुपये के रिडेम्प्शन प्राइस का मतलब है कि दोनों सीरीज के इनवेस्टर्स को करीब 3.8 गुना और करीब 3 गुना मुनाफा हुआ है। इसमें निवेश की अवधि में सालाना 2.5 फीसदी का इंटरेस्ट शामिल है।


दोनों किस्तें साला 2020 मे आई थीं

एसजीबी 2019-20 सीरीज IX 11 फरवरी, 2020 को इश्यू हुई थी। एसजीबी 2020-21 सीरीज V 11 अगस्त 2020 को इश्यू हुई थी। इनवेस्टर्स की तरफ से प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की रिक्वेस्ट डेट 9 जनवरी से 2 फरवरी थी।

टैक्स के पुराने नियम 31 मार्च, 2026 तक लागू

31 मार्च, 2026 तक लागू नियम के मुताबिक, पांच साल के बाद रिडेम्प्शन पर इनवेस्टर्स को कोई टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा अगर वह आरबीआई के प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन विंडो का इस्तेमाल करता है। इनवेस्टर्स जिनके पास इन दोनों सीरीज के एसजीबी हैं अगर वे कम से कम एक महीने पहले इस विंडो के इस्तेमाल के लिए अपने बैंक का डिपॉजिटरी को इंफॉर्म करते हैं तो वे बगैर टैक्स एग्जिट कर सकते हैं।

1 अप्रैल से बदल जाएंगे टैक्स के नियम

1 अप्रैल से लागू होने वाले नए फाइनेंशियल ईयर से टैक्स के नियम बदल जाएंगे। यूनियन बजट 2026 में कहा गया है कि एसजीबी इश्यू के वक्त उसमें इनवेस्ट करने वाले सिर्फ प्राइमरी इनवेस्टर्स को मैच्योरिटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा। सेकेंडरी मार्केट (एक्सचेंज) से एसजीबी खरीदने वाले इनवेस्टर्स अगर बॉन्ड्स मैच्योरिटी तक रखते हैं या पांच साल बाद रीडीम करते हैं, उन्हें टैक्स से छूट नहीं मिलेगी।

सेकेंडरी मार्केट से एसजीबी खरीदने वालों के लिए आखिरी मौका

फी ओनली इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स एलएलपी के फाउंडर हर्षवर्द्धन रूंगटा ने कहा, "एसजीबी की सिर्फ ऐसी किस्तें जिनके 5 साल पूरे हो गए हैं और जिनके पास 31 मार्च से पहले प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन विंडो हैं, वे इसके लिए एलिजिबल हैं।" उन्होंने कहा कि यूनियन बजट 2026 में नियमों में बदलाव के ऐलान के बाद एसजीबी की 28 सीरीज में से सिर्फ 4 के लिए यह पीरियड उपलब्ध है। इसका मतलब है कि इन सीरीज के सेकेंडरी मार्केट इनवेस्टर्स के लिए टैक्स-फ्री गेंस के लिए यह आखिरी मौका होगा।

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सरकार ने नवंबर 2015 में शुरू की थी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में निवेशकों ने काफी दिलचस्पी दिखाई थी। सरकार ने इसे नवंबर 2015 में शुरू किया था। लेकिन, फरवरी 2024 के बाद आरबीआई ने एसजीबी की नई किस्त जारी नहीं की है। इस स्कीम के निवेशकों ने बहुत अच्छा प्रॉफिट कमाया है, क्योंकि पिछले कुछ सालों में सोने की कीमतों में काफी उछाल आया है।

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