चांदी में 30 जनवरी को बड़ी गिरावट आई। एमसीएक्स पर सिल्वर फ्यूचर्स शाम के ट्रेडिंग सेशन में 24 फीसदी क्रैश कर गया। रात 22:36 बजे एमसीएक्स पर सिल्वर फ्यूचर्स 24.0 फीसदी गिरकर 3,03,371 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। सोने में भी गिरावट दिखी। गोल्ड फ्यूचर्स 9 फीसदी नीचे चल रहा था।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने और चांदी में आई गिरावट ने निवेशकों को फिक्रमंद कर दिया है। इससे पहले बीते कई हफ्तों से लगातार सोने और चांदी में तेजी दिख रही थी। इसकी वजह जियोपॉलिटिकल टेंशन और वैश्विक अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता थी। लेकिन, अचानक आई गिरावट ने निवेशक हैरान हैं।
चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव
सोने के मुकाबले चांदी में ज्यादा उतारचढ़ाव देखने को मिलता है। इस बार भी सोने के मुकाबले चांदी में ज्यादा गिरावट आई है। इससे पहले सोने के मुकाबले चांदी ज्यादा चढ़ी थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन के नाम का ऐलान कर दिया है। इसका असर डॉलर पर पड़ा है। डॉलर में मजबूती आई है। डॉलर में मजबूती आने से कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ जाती है।
गोल्ड के फंडामेंटल्स मजबूत
निवेशकों को सोने और चांदी में गिरावट से घबराने की जरूरत नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिल्वर की वैल्यूएशन ज्यादा हो गई थी। लेकिन, गोल्ड के फंडामेंटल्स मजबूत है। ऐसे में निवेशकों को अपने इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में एसेट ऐलोकेशन पर फोकस करना चाहिए। पोर्टफोलियो में 5-10 फीसदी तक गोल्ड और सिल्वर की हिस्सेदारी रह सकती है। अगर इससे ज्यादा है तो गिरावट जारी रहने पर इनवेस्टर्स सोने और चांदी में निवेश घटा सकते हैं।
गोल्ड में ज्यादा गिरावट की आशंका नहीं
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी जियोपॉलिटिकल टेंशन बना हुआ है। ट्रंप का रुख टैरिफ को लेकर नहीं बदला है। ऐसे में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी सुरक्षित निवेश के लिए खासकर सोने में बने रहने की उम्मीद है। इसलिए सोने में बहुत ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है। निवेशकों को चांदी की कीमतों पर करीबी नजर बनाए रखने की जरूरत है।